Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में पहली ही बारिश में धंसी नई सड़क, CM आवास कार्यालय को जोड़ने वाला रूट पुलिस ने किया बंद
कुरुक्षेत्र में करोड़ों की लागत से बनी सड़क चंद महीनों में हुई जमींदोज
Kurukshetra News: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में मॉनसून की पहली ही जोरदार बारिश ने प्रशासनिक मुस्तैदी और विकास कार्यों के दावों को बहा दिया है। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्तों में शुमार पीपली से सेक्टर-2 और सेक्टर-3 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क शनिवार को ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
पूजा स्कूल से लेकर जिंदल चौक के बीच यह सड़क कई जगह से अंदर की ओर धंस गई है, जिससे सड़क के बीचों-बीच बड़े और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस सड़क का निर्माण अभी कुछ महीने पहले ही पूरा हुआ था।
बंद करना पड़ा रास्ता, रेंगता रहा शहर का ट्रैफिक
सड़क धंसने की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। व्यस्त मार्ग होने के कारण कोई बड़ा हादसा न हो जाए, इसे देखते हुए पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला।
पुलिस ने सड़क के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। पूजा स्कूल से जिंदल चौक का रास्ता बंद होने के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रूट डायवर्ट किए जाने की वजह से आसपास के वैकल्पिक मार्गों पर गाड़ियों का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे दिनभर राहगीर जाम से जूझते नजर आए।
मुख्यमंत्री कार्यालय जाने वाले मार्ग का यह हाल, भड़के लोग
इस पूरे मामले ने इसलिए तूल पकड़ लिया है क्योंकि यह वही मार्ग है, जिससे होकर लोग सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय तक पहुंचते हैं।
एक वीआईपी और प्रमुख संपर्क मार्ग का चंद महीनों में ही यह हाल हो जाना सीधे तौर पर निर्माण सामग्री और ठेकेदारी की कार्यशैली पर उंगली उठाता है। कुरुक्षेत्र के स्थानीय निवासियों का साफ आरोप है कि सड़क बनाने में जमकर लापरवाही बरती गई और मानकों को ताक पर रखकर खानापूर्ति की गई, जिसकी कीमत अब आम जनता चुका रही है।
जांच और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े क्षेत्रवासी
घटना की सूचना के बाद संबंधित विभाग के इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और धंसे हुए मलबे का निरीक्षण किया। प्रशासन का कहना है कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, कुरुक्षेत्र के क्षेत्रवासियों में इस घटिया निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने दोटूक कहा कि करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाने के बाद भी अगर सड़क पहली ही बारिश नहीं झेल पा रही, तो यह सीधे-सीधे जनता के टैक्स की बर्बादी है। लोगों ने इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच कराने और दोषी ठेकेदार समेत लापरवाह अफसरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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