Kurukshetra News: लाड़वा शोरूम में लगी आग से 2 करोड़ का सामान, 17 लाख कैश और सोना जलकर राख
बन रोड पर इलेक्ट्रिक दुकान में लगी भीषण आग
Kurukshetra News: कहते हैं कि वक्त बदलते देर नहीं लगती, और जब तबाही आती है तो संभलने का मौका भी नहीं देती। कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में बन रोड पर स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के मालिक तरुण कुमार और उनके परिवार के साथ बुधवार की रात कुछ ऐसा ही खौफनाक हादसा हुआ। रात के सन्नाटे में लगी भीषण आग ने न केवल 7 साल पुराने इस जमे-जमाए कारोबार को लील लिया, बल्कि नए आशियाने के लिए संजोए गए करोड़ों के सपनों को भी राख के ढेर में तब्दील कर दिया। आंखों के सामने धू-धू कर जलते शोरूम को बेबस होकर देखने के अलावा पीड़ित पिता-पुत्र के पास कोई चारा नहीं बचा था।
आधी रात को उठा धुएं का गुबार, पिता की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
रोजाना की तरह बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे शोरूम संचालक तरुण कुमार दुकान बढ़ाकर घर लौटे थे। चूंकि परिवार का नया मकान बन रहा है, इसलिए वे अस्थाई रूप से किराए के मकान में रह रहे थे और घर का काफी कीमती सामान शोरूम में ही शिफ्ट किया हुआ था।
रात को खाना खाने के बाद तरुण के बुजुर्ग पिता बिशन लाल हमेशा की तरह शोरूम की रखवाली के लिए वहीं सोने चले गए थे। रात करीब 11 बजे जब बिशन लाल बाथरूम जाने के लिए उठे, तो उन्हें अंदर सांस लेने में तकलीफ हुई और चारों तरफ धुएं का गुबार दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत शोरूम से बाहर भागकर अपनी जान बचाई और बेटे व दमकल विभाग को सूचना दी।
ठेकेदार को देने थे 17 लाख रुपये, पलक झपकते ही सब खाक
इस अग्निकांड में पीड़ित परिवार को जो आर्थिक चोट पहुंची है, उससे उबर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। तरुण कुमार ने भरे गले से बताया कि नए घर के निर्माण के लिए टाइल्स और पत्थर के ठेकेदार को अगली सुबह ही भुगतान किया जाना था। बैंक बंद होने के कारण उन्होंने करीब 17 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी और 4 तोला सोना शोरूम के कैबिन में ही सुरक्षित रख दिया था।
आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और आसपास के ग्रामीण पानी लेकर दौड़ते, तब तक नकदी, जेवरात, घर का नया सामान और लगभग 2 करोड़ रुपये के फ्रिज, एसी, टीवी जैसे कीमती इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण जलकर राख हो चुके थे।
सुबह 7 बजे तक धधकती रही आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सूचना मिलने के तुरंत बाद पहुंची दमकल की दो गाड़ियां और सैकड़ों स्थानीय लोग पूरी रात आग बुझाने की जद्दोजहद में जुटे रहे। बाल्टियों और पाइपों के जरिए पानी की बौछारें की गईं, लेकिन आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि सुबह 7 बजे जाकर स्थिति पूरी तरह काबू में आ सकी। लाडवा थाना पुलिस और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि, नुकसान का सही आकलन और हादसे के पुख्ता कारणों की जांच अभी जारी है।
