Haryana Agricultural Subsidy: आधी कीमत पर मिलेंगे सुपर सीडर और हैप्पी सीडर, 3 अगस्त तक करें आवेदन
एग्रीहरियाणा पोर्टल पर शुरू हुए रजिस्ट्रेशन: कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा और PPP अनिवार्य
Haryana Agricultural Subsidy: हरियाणा में धान की कटाई के बाद हर साल पैदा होने वाली पराली की समस्या से निपटने और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (वर्ष 2026-27) के तहत किसानों को एक बेहतरीन मौका दिया है।
इस योजना के अंतर्गत फसल अवशेषों के इन-सिटू और एक्स-सिटू प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार पूरे 50 प्रतिशत की भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है। विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इच्छुक किसान 3 अगस्त 2026 तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इन आधुनिक मशीनों पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य खेतों में आग लगाने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। व्यक्तिगत श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले किसानों को सुपर एसएमएस (SMS), हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर, श्रेडर, मल्चर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर और ट्रैक्टर माउंटेड लोडर जैसे यंत्रों पर छूट मिलेगी। इस बार नियम तय किया गया है कि एक किसान केवल एक ही मुख्य यंत्र पर सब्सिडी ले सकेगा। हालांकि, एक विशेष छूट यह है कि यदि किसी किसान का चयन ‘बेलर मशीन’ के लिए होता है, तो वह उसके सहयोगी यंत्रों जैसे रेक या श्रेडर मास्टर पर भी एक साथ अनुदान पा सकता है।
आवेदन के लिए ये कागजात हैं बेहद जरूरी
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो विभागीय पोर्टल (agriharyana.gov.in) पर जाकर समय रहते रजिस्ट्रेशन कराएंगे। प्रवक्ता के मुताबिक, आवेदन के लिए किसान का ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना सबसे पहली शर्त है।
इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र, पहचान के लिए आवश्यक वैध सरकारी दस्तावेज, पैन कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, ट्रैक्टर की वैध आरसी और अनुसूचित जाति के किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। साथ ही किसानों को एक शपथ पत्र देना होगा कि वे अपने खेतों में पराली नहीं जलाएंगे और पिछले तीन साल में उनके परिवार के किसी सदस्य ने उस मशीन पर सब्सिडी का लाभ नहीं लिया है।
परमिट जारी होने के बाद 7 सितंबर तक खरीदनी होगी मशीन
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र किसानों की स्क्रूटनी होगी और चयनित उम्मीदवारों को अपने मूल दस्तावेज जिला सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में सत्यापित कराने होंगे। हरी झंडी मिलते ही ऑनलाइन परमिट जारी कर दिए जाएंगे। परमिट हाथ में आते ही किसानों को 7 सितंबर 2026 तक विभाग से मान्यता प्राप्त निर्माता या डीलर से ही यंत्र खरीदना होगा।
इसके बाद खरीद का पक्का बिल, ई-वे बिल और मशीन की जीपीएस लोकेशन (GPS Location) पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसके बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। जो निर्माता पहले से पंजीकृत हैं और जिनकी टेस्ट रिपोर्ट वैध है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है।
