Ambala Woman Harassment Case: 'गर्भवती थी तो रात 2 बजे पीटा'; हरियाणा में विवाहिता के आरोपों से हड़कंप, पति और सास पर केस दर्ज Ambala Woman Harassment Case: 'गर्भवती थी तो रात 2 बजे पीटा'; हरियाणा में विवाहिता के आरोपों से हड़कंप, पति और सास पर केस दर्ज

Ambala Woman Harassment Case: यमुनानगर। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक दास्तान हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर जिले के बीच से सामने आई है, जहां एक विवाहिता को उसके ही अपनों ने जीते जी नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर कर दिया। जगाधरी की रहने वाली एक महिला ने अंबाला शहर निवासी अपने पति और ससुराल वालों पर जो आरोप लगाए हैं, उन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। महिला का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसका घर एक ऐसे कुरुक्षेत्र में बदल गया जहां हर दिन उसकी अस्मत और आत्मसम्मान को कुचला जाने लगा।

अतिरिक्त दहेज की भूख और घिनौनी फरमाइशें

पुलिस को सौंपी गई शिकायत के मुताबिक, महिला की शादी साल 2018 में अंबाला शहर के रहने वाले हरीश कुमार के साथ हुई थी। फेरों के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का असली रंग सामने आ गया। कार और दो लाख रुपये की नकदी की मांग को लेकर पीड़िता को हर दिन प्रताड़ित किया जाने लगा।

आरोप है कि पति हरीश अक्सर भारी नशा करके घर लौटता था और पत्नी के साथ मारपीट करता था। जुल्म की इंतहा तब हो गई जब उसने पत्नी पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह उसके दोस्तों की महफिल में बैठे, उनके साथ जाम छलकाए और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने इस घिनौनी मांग का विरोध किया, तो आरोपी ने उसका मंगलसूत्र तोड़ दिया और उसे पत्नी मानने से इनकार करते हुए तलाक की धमकियां देने लगा।

पाई-पाई जोड़कर संवारा पति का भविष्य, बदले में मिली बेरुखी

पीड़िता ने घर को टूटने से बचाने और पति को सही रास्ते पर लाने के लिए अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश की। उसने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 90 हजार रुपये का लोन लिया और स्थानीय कमेटियों से पैसे जुटाकर पति को रोजगार के लिए ‘टाटा ऐस’ (छोटा हाथी) गाड़ी खरीदकर दी। मगर, हरीश की फितरत नहीं बदली। वह गाड़ी की कमाई को भी नशे और ऐशो-आराम में फूंकने लगा।

हद तो तब हो गई जब नवंबर 2021 में एक सड़क हादसे के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए हरीश के इलाज का पूरा खर्च भी इस महिला ने अपने मायके वालों की मदद से उठाया। इसके बावजूद हरीश ने बच्चों की पढ़ाई और घर के राशन के लिए पैसे देना बंद कर दिया, जिससे बच्चों का स्कूल तक छूट गया।

गर्भावस्था में मारपीट और नौकरी छुड़वाने की साजिश

महिला का आरोप है कि जुल्म की यह कहानी सिर्फ पति तक सीमित नहीं थी। मार्च 2019 में जब वह तीन महीने की गर्भवती थी, तब उसकी सास और जेठ ने रात के दो बजे उसे पीटकर घर से निकाल दिया था। इसके बाद उसने हिम्मत नहीं हारी और किराए का मकान लेकर एक अस्पताल में नौकरी शुरू कर दी।

लेकिन, शक्की पति ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। वह अक्सर अस्पताल पहुंचकर स्टाफ के सामने महिला के चरित्र पर लांछन लगाता और गाली-गलौज करता था। रोज-रोज के इस ड्रामे से तंग आकर अस्पताल प्रबंधन ने नवंबर 2025 में महिला को नौकरी से निकाल दिया, जिससे वह दाने-दाने को मोहताज हो गई।

जेठ पर भी गंभीर आरोप, पुलिस जांच में जुटी

पीड़िता ने अपने जेठ पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह शुरू से ही उस पर गलत नीयत रखता था और कई बार उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। फिलहाल, यमुनानगर और अंबाला पुलिस की संयुक्त प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति हरीश और सास सीमा के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सबूत जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही दबिश दी जाएगी।

By Jagmarg