Yamunanagar Youth Suicide: यमुनानगर। औद्योगिक नगरी यमुनानगर के दामला क्षेत्र में मानसिक तनाव और भटकाव ने एक और हंसते-खेलते परिवार के चिराग को असमय बुझा दिया। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मेथनापुरा गांव के रहने वाले एक मजदूर परिवार के 17 वर्षीय इकलौते छोटे बेटे रवि ने शनिवार को अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। दो दशकों से रोजी-रोटी की तलाश में हरियाणा को अपना आशियाना बना चुके इस परिवार के लिए यह वज्रपात उस वक्त हुआ, जब वे घर में एक नए रिश्ते के स्वागत की तैयारियां सोच रहे थे।
15 दिनों का वो दर्द, जिसे समझ नहीं पाई ममता
रवि की मां रामपड़ी देवी ने रोते हुए बताया कि उनका परिवार पिछले 20 सालों से यमुनानगर में रहकर पसीना बहा रहा है। वह खुद दामला की एक प्लाईवुड फैक्ट्री में मजदूरी करती हैं और बेटा रवि भी उसी फैक्ट्री में हाथ बंटाता था। पिछले 15 दिनों से रवि के भीतर एक अजीब सा अकेलापन और शारीरिक व्याकुलता देखी जा रही थी। वह लगातार काम पर जाने से कतरा रहा था और बार-बार मां से कहता था कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है, उसे किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाया जाए।
चूंकि मां रोज कमाकर खाने वाली मजदूर है, इसलिए उसने रवि को ढांढस बंधाया कि रविवार को फैक्ट्री से साप्ताहिक छुट्टी मिलते ही वह उसे शहर के बड़े डॉक्टर के पास ले जाएगी। शनिवार सुबह भी रामपड़ी देवी यह कहकर काम पर निकली थीं कि वह दोपहर एक बजे खाना बनाने घर लौटेंगी, तब तक रवि आराम करे।
खुला दरवाजा और सामने बिखरी जिंदगी
दोपहर करीब एक बजे जब मां थकी-हारी घर पहुंची, तो मकान का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। उसे लगा कि रवि सो रहा होगा, लेकिन जैसे ही उसने कमरे के भीतर कदम रखा, उसकी चीख निकल गई। रवि ने अपनी ही मां के दुपट्टे को फंदा बनाकर पंखे से अपनी जान दे दी थी। मां के रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी और मकान मालिक मौके पर दौड़े। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और शव को नीचे उतारकर सिविल अस्पताल के शवगृह में भिजवाया। रविवार को डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया।
नशे के दलदल ने ली मासूम जान!
इस आत्महत्या के पीछे के कारणों को तलाश रही पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। मामले के जांच अधिकारी सतपाल ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ और पड़ोसियों से मिले इनपुट के अनुसार, किशोर रवि पिछले कुछ समय से नशे की लत (ड्रग एडिक्शन) के जाल में फंस चुका था। नशा न मिलने या इसके साइड इफेक्ट्स के कारण वह गंभीर रूप से मानसिक अवसाद और शारीरिक पीड़ा से गुजर रहा था। यही वजह थी कि वह डॉक्टर के पास जाने की जिद कर रहा था।
जांच अधिकारी ने साफ किया कि परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल नशे की लत से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाने की बात सामने आ रही है, लेकिन मौत की असली वजह और अंदरूनी चोटों का वास्तविक खुलासा पूरी विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस बीच, रवि की मौत से दामला की मजदूर बस्ती में मातम का माहौल है और कम उम्र के बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर लोग चिंतित हैं।

