July 17, 2026

Chanaut Water Protest: 61 दिनों का संघर्ष लाया रंग, चानौत गांव में दोबारा बहाल हुई पानी की सप्लाई

0
Chanaut Water Protest: 61 दिनों का संघर्ष लाया रंग, चानौत गांव में दोबारा बहाल हुई पानी की सप्लाई

चानौत गांव में लगा 4 इंच का टी-कनेक्शन, ग्रामीणों में जश्न

Chanaut Water Protest: हरियाणा के हांसी क्षेत्र में पानी के हक को लेकर पिछले दो महीनों से सुलग रहा चानौत जल आंदोलन बुधवार को आखिरकार शांतिपूर्ण समझौते के साथ समाप्त हो गया। प्रशासन ने बैकफुट पर आते हुए उसी जगह दोबारा 4 इंच का टी-कनेक्शन स्थापित कर दिया है, जहां से इसे हटाने के बाद पूरा विवाद खड़ा हुआ था। भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से सीधे अपने गांव के लिए पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों के लिए यह बड़ी जीत है। टी-कनेक्शन की वेल्डिंग पूरी होते ही चानौत में जश्न का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर 61 दिनों के लंबे और धैर्यपूर्ण संघर्ष की सफलता की बधाई दी।

खापों और किसान संगठनों की हुंकार के आगे झुका प्रशासनिक अमला

इस पूरे विवाद की जड़ में चानौत गांव की बरसों पुरानी पेयजल समस्या थी, जिसका हल ग्रामीण मुख्य पाइपलाइन से टी-पॉइंट देकर ही निकालना चाहते थे। कुछ समय पहले प्रशासन ने जब इस वैध-अवैध के फेर में टी-कनेक्शन को काट दिया, तो ग्रामीण भड़क उठे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते इस स्थानीय आंदोलन को इलाके की खाप पंचायतों, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं का पुरजोर समर्थन मिल गया। प्रशासनिक स्तर पर कई दौर की वार्ताएं बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन की आंच सरकार तक पहुंचने लगी थी, क्योंकि संघर्ष समिति ने मांगें न पूरी होने पर जींद में होने वाले बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को ठप करने का मन बना लिया था।

प्रधानमंत्री के जींद दौरे से पहले सक्रिय हुई सरकार, रेस्ट हाउस में बनी बात

दरअसल, 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जींद दौरा प्रस्तावित है। संघर्ष समिति ने खुली चेतावनी दे रखी थी कि यदि समाधान नहीं हुआ, तो वे उत्तर भारत की खापों को साथ लेकर अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। खुफिया इनपुट और संभावित फजीहत को भांपते हुए सरकार तुरंत एक्शन मोड में आई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खुद कमान संभाली और हांसी के रेस्ट हाउस में चानौत संघर्ष समिति और आला अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। इस त्रिपक्षीय बैठक में गांव को पानी देने के साथ-साथ आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए पुलिस मुकदमों को भी वापस लेने पर सहमति बन गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना उठाने का एलान किया।

ये भी पढ़े-16 जिलों में भीषण उमस का यलो अलर्ट जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed