Gurugram Dog Rules: गुरुग्राम की हाईराइज सोसायटियों और रिहायशी इलाकों में पालतू कुत्तों के आतंक और उनके काटने की बढ़ती घटनाओं पर आखिरकार नगर निगम ने चाबुक चला दिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने शहरवासियों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद अहम आदेश जारी किया है।
नए फरमान के तहत गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की सीमा में आने वाले हर घर को अपने पालतू कुत्ते का बकायदा पंजीकरण कराना होगा। निगम प्रशासन को पिछले काफी समय से पार्कों और सड़कों पर बिना पट्टे के घूम रहे कुत्तों और उनके मालिकों की लापरवाही को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद इन नियमों को तत्काल प्रभाव से जमीन पर उतार दिया गया है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से होगा पंजीकरण
कुत्ता मालिकों की सहूलियत के लिए निगम ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान रखा है। लोग घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए या फिर निगम के नागरिक सुविधा केंद्रों (CFC) में जाकर अपने पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। हालांकि, इस आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज नत्थी करने होंगे। मालिक को अपनी पहचान का प्रमाण पत्र (आईडी प्रूफ), कुत्ते की लेटेस्ट फोटो और सबसे महत्वपूर्ण— रेबीज के टीकाकरण (वैक्सीनेशन) का वैलिड सर्टिफिकेट जमा करना होगा। इसके बिना रजिस्ट्रेशन की फाइल को मंजूरी नहीं मिलेगी।
खुले में शौच कराया तो मालिक की होगी जिम्मेदारी, तय हुए कड़े नियम
नगर निगम द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन ने कुत्ता मालिकों की जवाबदेही तय कर दी है। अब आप अपने कुत्ते को किसी भी सार्वजनिक सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट या बाजार में आवारा नहीं छोड़ सकते।
घर से बाहर निकलते ही कुत्ते के गले में पट्टा होना लाजमी है। इसके अलावा, अक्सर सोसायटियों में होने वाले विवादों को देखते हुए निगम ने साफ किया है कि यदि कुत्ता सार्वजनिक स्थान पर मल-मूत्र करता है, तो उसे साफ करने की पूरी जिम्मेदारी उसके मालिक की होगी। अगर किसी पालतू कुत्ते ने किसी राहगीर या अन्य जानवर पर हमला किया या उसे डराया, तो इसका हर्जाना और पूरी कानूनी जिम्मेदारी मालिक को ही उठानी पड़ेगी।
खतरनाक नस्लों पर विशेष शिकंजा, मुंह पर बांधना होगा ‘मज़ल’
इस नए आदेश में केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा प्रतिबंधित या खतरनाक घोषित की गई आक्रामक नस्लों के लिए विशेष और कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। इनमें पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो, केन कोर्सो, अकिता और मास्टिफ जैसी भारी-भरकम नस्लें शामिल हैं।
इन कुत्तों के मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना एक दिन गंवाए तुरंत इनका रजिस्ट्रेशन कराएं। इन नस्लों को बाहर ले जाते समय न सिर्फ पट्टा मजबूत रखना होगा, बल्कि उनके मुंह पर ‘मज़ल’ (सुरक्षा जाली/कवर) लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि वे किसी पर अचानक हमला न कर सकें।
हरियाणा नगर निगम अधिनियम के तहत होगी जेल और कार्रवाई
निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन नियमों को हल्के में लेने वाले पशु मालिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 और हरियाणा नगर निगम (कुत्तों का पंजीकरण एवं नियंत्रण) उपविधि, 2008 के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
गंभीर मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा भी चलाया जा सकता है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने शहर के पशु प्रेमियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए इस मुहिम में निगम का सहयोग करें।

