Haryana News: भिवानी में बिजली कर्मचारियों का हल्ला बोल, निजीकरण के विरोध में दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
14 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े बिजली कर्मचारी, अंबाला में अनिल विज के घेराव की तैयारी
Haryana News: हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। भिवानी में अपनी तमाम लंबित मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों ने दफ्तर छोड़ सड़कों पर उतरने का फैसला किया।
हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से आए सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की और साफ कर दिया कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
निजीकरण से बढ़ेगी आम जनता की जेब पर मार
प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी आपत्ति बिजली क्षेत्र में पैर पसार रहे निजीकरण को लेकर है। यूनियन नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि बिजली सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है, जो न सिर्फ कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा।
कर्मचारियों का दावा है कि निजीकरण लागू होते ही बिजली के दाम आसमान छूने लगेंगे, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ जाएगा और पूरी सरकारी व्यवस्था पंगु होकर रह जाएगी।
नई एक्सग्रेशिया नीति पर खड़े किए गंभीर सवाल
यूनियन ने सरकार की नई एक्सग्रेशिया (अनुकंपा) नीति को पूरी तरह अन्यायपूर्ण करार दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि नए नियमों के मुताबिक, यदि 5 साल से कम की नौकरी वाले किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान असमय मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता में भारी कटौती कर दी गई है।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, जोखिम भरे काम के लिए रिस्क अलाउंस (जोखिम भत्ता), कैशलेस मेडिकल सुविधा, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को रद्द करने और लंबे समय से खाली पड़े प्रमोशनल पदों को तुरंत भरने जैसी अपनी 14 सूत्रीय मांगें सरकार के सामने प्रमुखता से उठाई हैं।
बातचीत नहीं हुई तो 2 जुलाई को अनिल विज के आवास का होगा घेराव
बिजली कर्मचारियों के इस तीखे रुख ने बिजली महकमे और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यूनियन के शीर्ष पदाधिकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही टेबल पर बैठकर उनकी समस्याओं का सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला, तो इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में तेज किया जाएगा।
इसी कड़ी में कर्मचारियों ने एलान किया है कि वे 2 जुलाई को अंबाला पहुंचेंगे और कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यदि इस गतिरोध के कारण आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था ठप होती है या स्थिति बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बिजली निगम प्रबंधन की होगी।
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