July 2, 2026

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र को मिली 15 अमृत सरोवरों की सौगात, 6.18 करोड़ से बदली गांवों की सूरत

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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र को मिली 15 अमृत सरोवरों की सौगात, 6.18 करोड़ से बदली गांवों की सूरत

कुरुक्षेत्र को मिली 15 अमृत सरोवरों की सौगात

Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने अमृत सरोवर प्लस योजना के तहत तैयार 15 तालाबों का डिजिटल लोकार्पण किया। इन तालाबों के कायाकल्प पर सरकार ने करीब 6.18 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस मौके पर मंत्री ने साफ कहा कि गांवों की तरक्की तभी मुमकिन है जब जल संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली पर एक साथ काम किया जाए। तालाबों का निर्माण करना भले ही प्रशासनिक जिम्मेदारी हो, लेकिन इन्हें साफ रखना स्थानीय ग्रामीणों की जिम्मेदारी है।

अंबाला बोरवेल हादसे पर जतायी चिंता, दी कड़ी चेतावनी

समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री ने हाल ही में अंबाला में हुए दर्दनाक बोरवेल हादसे का जिक्र करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को पूरे समाज के लिए एक बड़ा सबक बताया। बेहद गंभीर लहजे में मंत्री ने कहा कि ऐसी लापरवाही किसी मासूम की जान पर भारी पड़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों और आम जनता दोनों से अपील की कि खेतों या रिहायशी इलाकों में कहीं भी बोरवेल को खुला न छोड़ा जाए। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कुएं और तालाब की पुरानी रवायत को मिला आधुनिक रूप

पानी के महत्व और प्राचीन सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए श्याम सिंह राणा ने कहा कि हमारे बुजुर्ग अपनी पहचान और पुण्य कमाने के लिए कुएं खोदवाते थे और तालाब बनवाते थे। इनसे न केवल इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों की प्यास बुझती थी। आज की सरकार उसी पुरानी भारतीय परंपरा को वैज्ञानिक तरीके से ‘अमृत सरोवर योजना’ के रूप में धरातल पर उतार रही है। इन सरोवरों का असली मकसद सिर्फ गांवों का सौंदर्यीकरण करना नहीं है, बल्कि लगातार नीचे जा रहे भूजल स्तर को सुधारना और पर्यावरण को बचाना है।

इन गांवों की बदली सूरत, सूची आई सामने

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उन सभी गांवों की सूची भी साझा की गई जहां ये सरोवर बनकर तैयार हुए हैं। मुख्य रूप से इस्माइलाबाद ब्लॉक के अजराना खुर्द, गंगहेड़ी, नैसी और सलपानी कलां में छोटे और बड़े तालाबों को नया जीवन मिला है। इसके अलावा पिहोवा ब्लॉक के अरनैचा, बाखली की नई वाल्मीकि बस्ती और बीबीपुर कलां में भी काम पूरा हो चुका है। पिपली ब्लॉक के धीरपुर, गोबिंद माजरा और शादीपुर (लल्ला वाला पीर के पास) के तालाबों को भी इस योजना से चमकाया गया है। वहीं शाहाबाद के धंतौड़ी, बाबैन के नखरोजपुर और थानेसर ब्लॉक के दयालपुर व धुराला गांव में भी इन सरोवरों का काम मुकम्मल होने के बाद इन्हें जनता के हवाले कर दिया गया है।

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