Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: सोनीपत के 15 स्कूल बनेंगे CM-EEE Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: सोनीपत के 15 स्कूल बनेंगे CM-EEE

Haryana News: हरियाणा की स्कूली शिक्षा को ढर्रे पर लाने और गरीब बच्चों को कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है। सोनीपत जिले के 15 सरकारी स्कूलों को अब ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी शिक्षा’ (CM-EEE) स्कूल के रूप में अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है।

इस नई व्यवस्था के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वही अत्याधुनिक सुविधाएं और माहौल मिलेगा, जिसके लिए अभिभावक प्राइवेट स्कूलों की मोटी फीस भरते हैं। सबसे बड़ा बदलाव माध्यम को लेकर है, जहां अब टाट-पट्टी वाले पुराने ढर्रे को छोड़कर हिंदी के साथ-साथ समानांतर रूप से इंग्लिश मीडियम के सेक्शन शुरू किए जा रहे हैं।

पहली क्लास से इंग्लिश जरूरी, सीनियर छात्रों को मिलेगा चॉइस का मौका Haryana News

जिला शिक्षा विभाग से मिले ब्लूप्रिंट के अनुसार, इन 15 चुनिंदा स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला लेते ही बच्चों को अंग्रेजी भाषा पढ़ाई जाएगी। वहीं, दूसरी कक्षा से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को यह आजादी होगी कि वे अपनी मर्जी के मुताबिक हिंदी या अंग्रेजी माध्यम चुन सकें। इसके लिए बकायदा स्कूलों में अलग-अलग सेक्शन और विंग तैयार किए जाएंगे। सरकार का तर्क है कि इस दोहरी नीति से ग्रामीण और कस्बाई इलाके के बच्चों की वैश्विक भाषा पर पकड़ तो मजबूत होगी ही, साथ ही वे अपनी मातृभाषा के ज्ञान से भी दूर नहीं होंगे।

सिफारिश नहीं, सिर्फ मेरिट से होगी शिक्षकों की भर्ती; परखा जाएगा पढ़ाने का अंदाज

इस योजना को सिर्फ कागजी और इमारती बदलाव तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि शिक्षा की मूल आत्मा यानी शिक्षकों के चयन में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। सीएम-ईईई स्कूलों में तैनात होने वाले प्रिंसिपलों और अध्यापकों की नियुक्ति आम सरकारी प्रक्रिया की तरह नहीं होगी। यहां आने के लिए शिक्षकों को परीक्षा और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के कई कठिन दौर से गुजरना होगा।

विभाग इस दौरान टीचर की कम्युनिकेशन स्किल, विषय पर कमांड और बच्चों को संभालने के तरीके की लाइव मॉनिटरिंग करेगा। उप जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार ने साफ किया है कि जब तक कोई शिक्षक तय मानकों पर खरा नहीं उतरेगा, उसे इन विशेष स्कूलों में कदम रखने की इजाजत नहीं होगी।

डिजिटल प्रोफाइल से लेकर खेल के मैदान तक, ऐसा होगा नया मॉडल

इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो इन स्कूलों का कायाकल्प किसी वीआईपी शिक्षण संस्थान की तरह किया जा रहा है। बच्चों के लिए बकायदा आई-कार्ड और विशेष यूनिफॉर्म कोड अनिवार्य किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर में फायर सेफ्टी उपकरण लगेंगे। विज्ञान, कला और कॉमर्स के छात्रों के लिए अत्याधुनिक प्रैक्टिकल लैब, चमचमाती कंप्यूटर लैब, डिजिटल क्लासरूम और एक्टिविटी रूम का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा, पर्यावरण को ध्यान में रखकर ग्रीन कैंपस, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, स्पोर्ट्स ग्राउंड और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है। हर स्कूल की अपनी अलग लाइव वेबसाइट होगी, जिससे अभिभावक घर बैठे बच्चों की हाजिरी और रिपोर्ट कार्ड देख सकेंगे।

इन 15 गांवों के बच्चों की चमकेगी किस्मत, पीएमश्री के साथ चलेगी योजना Haryana News

सोनीपत जिले के जिन 15 स्कूलों को इस सूची में जगह मिली है, उनमें मोहाना, ककरोई, राई ब्लॉक के अटेरना व गढ़ी बाला, मोहम्मदपुर, मुंडलाना का बिचपड़ी, खरखौदा के सैदपुर, फरमाना व बिधलान शामिल हैं। इनके अलावा कथूरा, भांवर, गोहाना के सरगथल व रभड़ा तथा गन्नौर के कैलाना और सांदल कलां के राजकीय स्कूलों को पूरी तरह री-मॉडल किया जा रहा है।

बता दें कि सोनीपत में फिलहाल कुल 709 सरकारी स्कूल चल रहे हैं। जिले में पहले से ही पीएमश्री और मॉडल संस्कृति स्कूल जैसी योजनाएं पैर पसार चुकी हैं, लेकिन सीएम-ईईई योजना को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में रखकर इसे सबसे एडवांस मॉडल बनाने की तैयारी है।

By Jagmarg