International Yoga Day: झज्जर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर वैसे तो पूरे देश और हरियाणा में पारंपरिक रूप से पार्कों और मैदानों में योगाभ्यास किया गया, लेकिन बहादुरगढ़ में योग का एक बिल्कुल जुदा और हैरतअंगेज रूप देखने को मिला। यहां स्थित एचएल सिटी की ‘चैंपियंस एक्वेटिक एकेडमी’ में तैराकों ने पानी को ही अपना योग मंच बना लिया।
आम तौर पर जमीन पर किए जाने वाले कठिन आसनों को इन जांबाज खिलाड़ियों ने स्विमिंग पूल की अगाध गहराइयों में बेहद सहजता के साथ अंजाम दिया। पानी के भीतर सांसों पर नियंत्रण रखकर किए गए इस अनूठे प्रदर्शन को देखने के लिए वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सांसों पर गजब का नियंत्रण, पानी की लहरों के बीच ‘जल योग’ का जादू
सत्र के दौरान युवा तैराकों ने स्विमिंग पूल के अंदर उतरकर अपनी सांसों को रोकते हुए पद्मासन, सुखासन और चक्रासन जैसी कई जटिल योग मुद्राओं का प्रदर्शन किया। पानी की सतह पर बिना हिले-डुले तैरते हुए योग करना शारीरिक संतुलन की पराकाष्ठा को दर्शा रहा था।
इस मौके पर विशेष रूप से मौजूद हरियाणा तैराकी संघ के महासचिव और हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल खत्री ने भी खुद को रोक नहीं पाया। वे खुद खिलाड़ियों के साथ पानी में उतरे और इस ‘जल योग’ का हिस्सा बने। उन्होंने खिलाड़ियों की एकाग्रता की तारीफ करते हुए कहा कि पानी में योग करना सामान्य से कई गुना ज्यादा कठिन और प्रभावी है।
स्टेमिना और लचीलापन बढ़ाएगा योग, अनिल खत्री ने दिए खास टिप्स
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल प्रशासक अनिल खत्री ने योग को खेल जीवन की पहली सीढ़ी बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ी को मानसिक रूप से भी फौलाद बनाता है। एक एथलीट के लिए एकाग्रता सबसे बड़ा हथियार होती है और योग से मन पूरी तरह एकाग्रचित होता है।
खत्री ने कोच और एकेडमी के प्रबंधकों को सलाह दी कि वे अपने खिलाड़ियों को स्विमिंग पूल में मुख्य प्रशिक्षण या रेस शुरू करने से पहले कम से कम 15 से 20 मिनट योग की मुद्राएं सिखाएं, ताकि उनके फेफड़ों की क्षमता (लंग कैपेसिटी) और शरीर का लचीलापन और बेहतर हो सके।
गंभीर बीमारियों को मात देने का संकल्प, युवाओं से फिट रहने की अपील
इस अनोखे आयोजन का हिस्सा बने तैराकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने एक सुर में माना कि नियमित योगाभ्यास की वजह से पानी के भीतर उनके टिके रहने की क्षमता में चमत्कारी सुधार हुआ है।
खिलाड़ियों ने कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में योग ही मन और शरीर दोनों को एक साथ स्वस्थ रख सकता है। कार्यक्रम के समापन पर एकेडमी के तमाम तैराकों और खेल प्रेमियों ने जीवनभर नियमित योग करने की शपथ ली। इस अनूठे सत्र के जरिए बहादुरगढ़ के इन एथलीटों ने देश के युवाओं को संदेश दिया कि वे डिजिटल स्क्रीन से बाहर निकलकर मैदान और पानी से नाता जोड़ें और खुद को निरोगी बनाएं।

