Kids Morning Routine Tips: बच्चों को स्कूल भेजने से पहले हर माता-पिता जरूर करें ये काम, पढ़ाई में भी लगेगा दोगुना मन
स्कूल जाने से पहले सुबह के 20 मिनट बदल देंगे आपके बच्चे का व्यवहार
Kids Morning Routine Tips: महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक, आजकल परिवारों में सुबह का वक्त किसी जंग के मैदान जैसा नजर आता है। बस छूटने का डर, टिफिन तैयार करने की होड़ और ऊपर से बच्चे का बिस्तर छोड़ने में आनाकानी; यह पूरा माहौल घर में एक अनजाना तनाव पैदा कर देता है। जाने-अनजाने में माता-पिता इस हड़बड़ी में बच्चों पर चिल्ला बैठते हैं। डॉक्टरों और शिक्षाविदों का कहना है कि डांट या खौफ के साए में शुरू हुई सुबह बच्चे के पूरे दिन को प्रभावित करती है। स्कूल पहुंचने के बाद भी ऐसा बच्चा खुद को सहमा हुआ या चिड़चिड़ा महसूस करता है, जिससे उसकी सीखने की क्षमता पर असर पड़ता है।
इन 5 आसान आदतों से बदलें अपने बच्चे की दुनिया
पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बच्चे को स्कूल भेजने से पहले किसी बड़े बदलाव की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की 5 छोटी आदतों को सुधारने की जरूरत है। सबसे पहले, बच्चे को झटके से या गुस्से में उठाने के बजाय प्यार से सहलाकर जगाएं। जागने के बाद अगले पांच मिनट सिर्फ उसकी बातें सुनें—जैसे वह आज स्कूल में क्या करने वाला है या उसका मूड कैसा है। यह छोटी सी बातचीत उसे अहसास कराती है कि उसकी राय मायने रखती है। इसके अलावा, सुबह का नाश्ता बिना किसी स्क्रीन (टीवी या मोबाइल) के शांति से कराना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चा खाने का लुत्फ ले सके और परिवार के करीब महसूस करे।
जिम्मेदारी का अहसास और विदाई का सकारात्मक मोड़
बच्चे को केवल लाड-प्यार ही नहीं, बल्कि थोड़ा जिम्मेदार बनाना भी सुबह के रूटीन का हिस्सा होना चाहिए। स्कूल बैग में बोतल रखना, जूते खुद पहनना या डायरी संभालना जैसे छोटे-छोटे काम उन्हें आत्मनिर्भरता सिखाते हैं। सबसे अहम मोड़ तब आता है जब बच्चा घर की दहलीज पार करता है। स्कूल जाते वक्त उसे ‘ऑल द बेस्ट’ कहना या गले लगाना उसके भीतर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। ये सकारात्मक शब्द दिनभर उसके कानों में गूंजते हैं और क्लास में उसे दूसरों से आगे रहने का हौसला देते हैं। हर सुबह का एकदम परफेक्ट होना मुमकिन नहीं है, लेकिन धैर्य और अपनेपन से भरी ये कोशिशें ही बच्चों के मजबूत भविष्य की नींव रखती हैं।
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