Ladwa News: लाडवा में मम्मा जगदम्बा सरस्वती जी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलिLadwa News: लाडवा में मम्मा जगदम्बा सरस्वती जी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

Ladwa News: लाडवा (कैलाश गोयल) हरियाणा के लाडवा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के स्थानीय सेवा केंद्र पर सोमवार को एक बेहद गरिमामयी और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौका था संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका और आध्यात्मिक ज्ञान की साकार मूर्ति मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती जी (मम्मा) के 61वें पुण्य स्मृति दिवस का। इस पावन अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग सुखधाम परिसर में एकत्रित हुए। सभी ने मम्मा के अद्वितीय जीवन, निस्वार्थ त्याग और ईश्वरीय सेवाओं को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

24 जून 1965 को त्यागी थी नश्वर देह, आज भी अमर हैं विचार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र की संचालिका बीके ज्योति दीदी ने मम्मा के जीवन के कई प्रेरक प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि मम्मा ने अपने दिव्य आचरण और ईश्वरीय ज्ञान के बल पर लाखों भटकते लोगों को आत्मिक शांति और जीवन जीने का सही मार्ग दिखाया। 24 जून 1965 को भले ही उन्होंने अपनी नश्वर देह का त्याग कर दिया था, लेकिन उनके उच्च आदर्श, अनमोल शिक्षाएं और संस्कार आज छह दशक बाद भी पूरी मानवता का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान बीके ज्योति दीदी और गीता बहन ने संयुक्त रूप से मम्मा के जीवन दर्शन को साझा करते हुए उन्हें अपनी भावपूर्ण अंजलि दी।

कविता और संस्मरणों से जीवंत हो उठीं मम्मा की यादें

इस स्मृति सभा में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला, जब शिखा बहन ने मातेश्वरी जगदम्बा के पूरे जीवन चरित्र को पिरोकर एक बेहद सुंदर और मर्मस्पर्शी कविता सुनाई। कविता के माध्यम से मम्मा की सौम्यता और उनके तपस्वी रूप को महसूस कर वहां मौजूद कई भाई-बहनों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने कतारबद्ध होकर मम्मा को पुष्पांजलि दी। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे मम्मा के दिखाए हुए पवित्र रास्ते पर चलेंगे और अपने दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देंगे।

कार्यक्रम में मौजूद रहे ये गणमान्य लोग

लाडवा के इस आध्यात्मिक आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने और मम्मा के प्रति अपनी कृतज्ञता जताने के लिए भाई निर्मल नीरज, बुधराम, रामगोपाल, मामचंद, सतपाल, राजकुमार के साथ-साथ उर्मिला बहन, रेखा, अंजलि और रश्मि सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य भाई-बहन मुख्य रूप से मौजूद रहे।