Ludhiana News: पनबस ड्राइवर और परिचालक पर नशा तस्करी का केस, कार से 12 किलो भुक्की बरामद, एक गिरफ्तार
गिरफ्तारी का एआई द्वारा बनाया गया फोटो
Ludhiana News: पंजाब के लुधियाना में सरकारी परिवहन सेवा पनबस से जुड़े दो कर्मचारियों पर नशा तस्करी का मामला सामने आया है। पनबस लुधियाना डिपो की चेकिंग टीम की रिपोर्ट के बाद थाना डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने ड्राइवर और परिचालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 12 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद की है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। यह मामला सरकारी परिवहन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के खिलाफ सामने आने के कारण गंभीर माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए था या किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा था।
डिपो की चेकिंग टीम की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक, पनबस लुधियाना के डिपो मैनेजर की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 को डिपो की चेकिंग टीम ने ड्राइवर गोबिंदर सिंह और परिचालक मनप्रीत सिंह उर्फ काकू के खिलाफ बस में नशीला पदार्थ लाने संबंधी रिपोर्ट सौंपी थी। शिकायत मिलने के बाद थाना डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने रिपोर्ट के तथ्यों की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
कार से मिली 12 किलो भुक्की चूरा पोस्त
चेकिंग स्टाफ की रिपोर्ट के अनुसार, नशीला पदार्थ कार नंबर PB-10-FUU-5356 में रखा गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ काकू को गिरफ्तार कर लिया। मनप्रीत सिंह गांव सैदपुर बेहिहारा, तहसील आनंदपुर साहिब, जिला रूपनगर का रहने वाला है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 12 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद हुई, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया।
मामले में नामजद दूसरे आरोपी गोबिंदर सिंह, निवासी गांव मामदपुर, थाना शेरपुर, जिला संगरूर, अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुई एफआईआर
थाना डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 15, 61 और 85 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद भुक्की चूरा पोस्त कहां से लाई गई थी, इसे किसे पहुंचाया जाना था और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। जांच के दौरान यदि किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा होता है तो उसके अनुसार आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी परिवहन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह का मामला सामने आने के बाद विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इस मामले में कार्रवाई डिपो की आंतरिक चेकिंग टीम की रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई, जिससे यह भी स्पष्ट हुआ कि विभागीय स्तर पर निगरानी प्रक्रिया सक्रिय थी। पुलिस और विभागीय अधिकारी अब पूरे मामले की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं।
