Monsoon in India: देशभर में मानसून का कहर, यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 नदियां उफान पर, गुजरात में बाढ़
देशभर में मानसून का कहर
Monsoon in India: देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश अब लोगों की परेशानी का कारण बनने लगी है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, राजस्थान और असम में भारी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। कहीं नदियां खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं तो कहीं बाढ़ और जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश का असर सड़क और रेल यातायात, खेती, बाजारों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
उत्तर प्रदेश में 10 नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों में बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश में पिछले 10 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। गंगा, यमुना समेत 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे कई गांवों और निचले इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने, ग्रामीण सड़कों पर जलभराव और छोटे पुलों पर पानी आने जैसी स्थिति कई स्थानों पर देखने को मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
दक्षिण गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, उमरगाम में 16 घंटे में 43 इंच बारिश
दक्षिण गुजरात में मानसून ने सबसे अधिक असर दिखाया है। लगातार मूसलाधार बारिश के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। उमरगाम तालुका में केवल 16 घंटे के भीतर 43 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद निचले इलाकों में पानी भर गया और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में जलभराव से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्य शुरू करने की तैयारी रखी गई है।
बिहार के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
बिहार में भी मानसून का असर लगातार बना हुआ है। पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण, वैशाली और सिवान समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है। गुरुवार को खराब मौसम के बीच बिजली गिरने की घटनाओं में औरंगाबाद तथा बक्सर में दो-दो लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
राजस्थान के 11 जिलों में भी भारी बारिश की संभावना
राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर समेत 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश का सबसे अधिक असर दक्षिणी राजस्थान के जिलों में देखने को मिल सकता है, जहां पहले से ही कई इलाकों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है।
असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 6.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है।
लगातार बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे रहा है। शहरों में जलभराव से यातायात धीमा पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों में सतर्कता बढ़ गई है और प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
