यूआईडीएआई के नए Aadhaar app की बाजार में धूम, अब एक क्लिक पर होंगे सारे कामनया आधार ऐप 3.1 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड।

नई दिल्ली, 23 जून, 2026 (New Aadhaar app)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का बिल्कुल नया आधार ऐप इन दिनों पूरे देश के स्मार्टफोन यूजर्स के बीच धड़ाधड़ डाउनलोड किया जा रहा है। डिजिटल सुविधाओं को उंगलियों पर लाने वाले इस सरकारी प्लेटफॉर्म को लॉन्च हुए अभी महज पांच महीने का ही वक्त गुजरा है, लेकिन इतने कम समय में ही इसे 3.1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड करके एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया गया है। देश के भीतर डिजिटल पहचान की स्वीकार्यता जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसने पुरानी सभी लचर व्यवस्थाओं को पीछे छोड़ दिया है। छा गया नया ऐप।

प्राधिकरण की ओर से सोमवार देर रात जारी किए गए ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 40 लाख से ज्यादा सजग उपयोगकर्ताओं ने इस ऐप के जरिए सीधे अपने चालू मोबाइल नंबर को आधार डेटाबेस के साथ लिंक करने का काम सफलतापर्वक निपटाया है। सिर्फ इतना ही नहीं, करीब 8.5 लाख से अधिक लोगों ने बिना किसी आधार सेवा केंद्र के चक्कर काटे सीधे अपने घर का पता ऑनलाइन मोड में संशोधित या पूरी तरह अपडेट कर लिया है। सरकारी दफ्तरों की लाइनें बिल्कुल गायब हो गईं।

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नए आधार ऐप का इस्तेमाल अब केवल प्रोफाइल देखने या डाउनलोड करने तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि रोजमर्रा के धंधे और कामकाज में इसका दायरा काफी बड़ा हो चुका है। अब किसी भी होटल में चेक-इन करते समय आपको अपना असली या फिजिकल आधार कार्ड काउंटर पर दिखाने की कोई जरूरत नहीं बची है, क्योंकि आप वहां मौजूद होटल के क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे अपनी डिजिटल पहचान सत्यापित करवा सकते हैं। अस्पतालों में भर्ती होने की कागजी प्रक्रिया, बड़े कॉर्पोरेट दफ्तरों में विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम, वीआईपी आयोजनों में एंट्री और गिग वर्कर्स या डिलीवरी पार्टनर्स के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में यह ऐप अब सबसे मुख्य हथियार बनकर उभरा है।

पुराने ऐप के मुकाबले कितनी मजबूत है सुरक्षा?

तकनीकी विंग की तफ्तीश के अनुसार, यह नया आधार ऐप पुराने ‘mAadhaar’ प्लेटफॉर्म की तुलना में सुरक्षा के लिहाज से सौ गुना ज्यादा आधुनिक और अभेद्य एल्गोरिदम से लैस किया गया है। पुरानी व्यवस्था में वेरिफिकेशन के दौरान यूजर की कई तरह की गैर-जरूरी व्यक्तिगत जानकारियां अनजाने में सामने वाले के पास चली जाती थीं, जिससे डेटा चोरी का खतरा बना रहता था। नई चाक-चौबंद व्यवस्था में केवल उतनी ही आवश्यक जानकारी सेंडर के साथ शेयर होती है जितनी सामने वाले विभाग या वेंडर को चाहिए होती है, जिससे प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी दोनों बेहद मजबूत हो जाती हैं। एकदम टाइट है सुरक्षा।

इस नए ऐप के फीचर्स की बात करें तो इसमें बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक करने का तगड़ा ऑफर केवल एक क्लिक में होम स्क्रीन पर ही दे दिया गया है। यूजर्स अब लेटेस्ट फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए बिना किसी ओटीपी के सीधे अपना चेहरा दिखाकर पहचान का सत्यापन पलक झपकते ही पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप के भीतर एक खास इन-बिल्ट फीचर जोड़ा गया है जो आपको अपने पुराने प्रमाणीकरण इतिहास यानी ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री की पूरी जन्मकुंडली देखने की आजादी देता है। आधार सेवा केंद्र पर जाने के लिए भी अब घंटों इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग की पूरी रीढ़ इसी ऐप के भीतर फिट कर दी गई है।

सपंर्क विवरण साझा करने के तौर-तरीकों को बदलते हुए इसमें एक एडिटेबल कॉन्टैक्ट कार्ड भी दिया गया है जो सुरक्षित क्यूआर कोड आधारित शेयरिंग पर काम करता है। इस डिजिटल कार्ड के आने के बाद अब सरकारी या कॉर्पोरेट मुलाकातों के दौरान जेब में फिजिकल विजिटिंग कार्ड रखने का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो गया है।