Football Skills Viral: डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में कब, कहां और कौन सी छिपी हुई प्रतिभा देश के सामने आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसा ही एक ताजा और बेहद दिलचस्प मामला छत्तीसगढ़ के भिलाई रेलवे स्टेशन से सामने आया है। अमूमन लोग रेलवे स्टेशनों पर बोरियत मिटाने के लिए मोबाइल स्क्रॉल करते हैं या टहलते हैं, लेकिन यहाँ एक युवक ने ट्रेन का इंतजार करते-करते कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। युवक के हैरतअंगेज फुटबॉल स्किल्स (Football Skills) का यह वीडियो अब इंटरनेट पर सनसनी मचा रहा है।
उंगली पर थमी फुटबॉल, सटीक कंट्रोल देख लोग हुए दंग
वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक लड़का रेलवे प्लेटफॉर्म पर खड़ा है। उसके हाथ में एक फुटबॉल है, जिसे वह पलक झपकते ही किसी मंझे हुए इंटरनेशनल फ्री-स्टाइलर की तरह अपनी उंगली की नोक पर बैलेंस करके चक्र की तरह घुमाने लगता है। बात सिर्फ यहीं नहीं रुकती, वह कभी गेंद को हवा में उछालता है तो कभी अपनी पीठ, गर्दन और सिर के जरिए उसे इस कदर नियंत्रित करता है मानो फुटबॉल उसकी बॉडी का ही कोई हिस्सा हो। उसकी हर एक मूवमेंट और टाइमिंग इतनी सटीक है कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्री अपनी ट्रेन भूलकर उसकी इस कला को एकटक निहारते नजर आए।
‘राइट टैलेंट, रॉन्ग प्लेटफॉर्म’—लाखों दिलों को छू गया वीडियो
यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद एक शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसे बाद में इंस्टाग्राम पर @fitwithyogee_ नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है— “Today I saw real talent at Bhilai Railway Station” (आज मैंने भिलाई रेलवे स्टेशन पर असली हुनर देखा)। अपलोड होने के बाद से ही इस वीडियो पर व्यूज और लाइक्स का सैलाब आ गया है। अब तक लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं और हजारों खेल प्रेमियों ने इसे री-शेयर किया है।
सही दिशा और सटीक मंच मिलने की उठ रही मांग
इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी प्रतिक्रिया देने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं। कमेंट सेक्शन में टैलेंट की तारीफ करते हुए एक यूजर ने बेहद सटीक बात लिखी— “राइट टैलेंट, रॉन्ग प्लेटफॉर्म” यानी हुनर तो कमाल का है, लेकिन जगह गलत है। वहीं एक अन्य यूजर ने इसे ‘स्किल्ड इंडिया’ की जीती-जागती मिसाल बताया। ज्यादातर लोगों का यही कहना है कि हमारे देश की गलियों और छोटे शहरों में ऐसे हुनरबाजों की कमी नहीं है, बस जरूरत इस बात की है कि इन हीरों को समय रहते पहचाना जाए, इन्हें तराशा जाए और एक सही प्रशासनिक या खेल मंच दिया जाए ताकि ये ग्लोबल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।

