Telegram : नीट परीक्षा खत्म होते ही प्ले स्टोर पर वापस लौटा टेलीग्राम, इस खास फीचर पर रोक बरकरारऐप तो वापस आया लेकिन 30 जून तक बंद रहेगा यह सबसे जरूरी फीचर

नई दिल्ली, 23 जून, 2026 (telegram store return)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG Re Examination) के दोबारा सफलतापूर्वक संपन्न होते ही केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को बड़ी राहत दे दी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के लिखित अनुरोध के बाद सरकार ने एहतियात बरतते हुए 16 जून 2026 से लेकर 22 जून 2026 तक पूरे देश में टेलीग्राम ऐप और उसकी सभी वेब सेवाओं को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का सख्त फरमान सुनाया था। परीक्षा बिना किसी बाधा या पेपर लीक की शिकायत के पूरी हो चुकी है, जिसके तुरंत बाद गूगल प्ले स्टोर पर यह ऐप दोबारा डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। लौट आया टेलीग्राम ऐप।

यूजर एक्सपीरियंस के लिहाज से एक झटका अब भी बरकरार है क्योंकि ऐप स्टोर पर भले ही वापसी हो गई हो, लेकिन इसका सबसे लोकप्रिय ‘मैसेज एडिटिंग फीचर’ फिलहाल काम नहीं करेगा। खुफिया एजेंसियों और तकनीकी विंग की संस्तुति पर सरकार ने टेलीग्राम को सख्त निर्देश दिया है कि वह आगामी 30 जून तक अपने इस मैसेज-एडिटिंग टूल को पूरी तरह से ब्लॉक रखे। इसका सीधा मतलब यह है कि जून के आखिरी दिन तक कोई भी यूजर भेजने के बाद अपने टेक्स्ट मैसेज में किसी भी तरह का बदलाव या हेरफेर नहीं कर पाएगा। कड़ा पहरा है अभी।

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भारत सरकार के इस कड़े एक्शन और एक हफ्ते के लिए प्लेटफॉर्म को पूरी तरह सस्पेंड करने के फैसले पर ग्लोबल स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। टेलीग्राम के वैश्विक संस्थापक और सीईओ पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) ने भारतीय अधिकारियों के इस रवैये की खुलेआम आलोचना की थी।

नकली पेपर और धोखाधड़ी पर चली थी तफ्तीश

इस पूरे विवाद की जड़ें नीट परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र और उससे जुड़ी गोपनीय सामग्री के सोशल मीडिया पर लीक होने के गंभीर दावों से जुड़ी हुई हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की तफ्तीश में यह बात सामने आई थी कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म अपने सीक्रेट चैनल्स के जरिए फैलने वाले नकली नीट पेपर, गुमराह करने वाले दावों और भारी-भरकम पैसों की वसूली करने वाली धोखाधड़ी की गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ था। इसी वजह से देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की साख बचाने के लिए इस पर देर रात आपातकालीन पाबंदी थोपनी पड़ी थी।

अधिकारियों ने इस विधिक कार्रवाई को अंजाम देने से पहले बाकायदा 3 जून को टेलीग्राम के शीर्ष प्रतिनिधियों और वकीलों के साथ एक बेहद गोपनीय बैठक की थी, जिसमें सरकार की ओर से कड़ी चिंताओं को ब्लैक एंड व्हाइट में टेबल पर रखा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने और परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में इस ऐप का पत्ता साफ कर दिया गया था। राहत की बात यह है कि दोबारा आयोजित हुई नीट परीक्षा में अब तक गड़बड़ी या धांधली की कोई आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।

By Jagmarg