Bhiwani Medical College: पीएम मोदी ने किया भिवानी मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन, ई-ऑटो से पहुंचीं श्रुति और किरण चौधरी
100 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हुआ भिवानी मेडिकल कॉलेज, पीएम मोदी ने वर्चुअली दिखाई हरी झंडी
Bhiwani Medical College: हरियाणा के भिवानी जिले के लिए शुक्रवार का दिन विकास के पन्नों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए भिवानी के नवनिर्मित राजकीय मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन कर इसे आम जनता की सेवा में सौंप दिया।
इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए आयोजित मुख्य समारोह में नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी, राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
ई-ऑटो से पहुंचीं किरण और श्रुति चौधरी, दिया ग्रीन मैसेज
इस वीआईपी कार्यक्रम में उस वक्त हर कोई हैरान रह गया जब कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ियों को छोड़कर एक इलेक्ट्रिक ऑटो (ई-ऑटो) में सवार होकर आयोजन स्थल पर पहुंचीं। मां-बेटी की इस जोड़ी को ई-ऑटो में सफर करते देख स्थानीय लोग और कार्यकर्ता बेहद उत्साहित नजर आए।
श्रुति चौधरी ने इस पहल को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा देने के लिए ग्रीन एनर्जी को अपनाना अब हमारी मजबूरी और जिम्मेदारी दोनों है।
600 बेड का आधुनिक सेटअप, अब नहीं भागना पड़ेगा दिल्ली-रोहतक
यह नया मेडिकल कॉलेज भिवानी ही नहीं बल्कि महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। अस्पताल में 600 से अधिक बेड की व्यवस्था की गई है, जहां 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं और ट्रॉमा सेंटर काम करेगा ताकि सड़क हादसों के शिकार लोगों को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिल सके।
इसके अलावा यहां दिल की बीमारी, कैंसर और न्यूरोलॉजी जैसी जटिल सर्जरी के लिए सुपर स्पेशियलिटी विंग की शुरुआत की गई है, जिससे अब स्थानीय मरीजों को दिल्ली या रोहतक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही, यहां हर साल 100 युवाओं को एमबीबीएस की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
सिंचाई और जलभराव की समस्या का होगा पक्का इलाज
स्वास्थ्य सेवाओं से इतर, कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने मीडिया से बातचीत में इलाके की दूसरी सबसे बड़ी समस्या पर भी बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दक्षिणी हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके लिए लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है और पुराने पड़ चुके पंप हाउसों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी नहरों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ जिन गांवों में सेम (जलभराव) की समस्या है, वहां ड्रेन प्रोजेक्ट्स के जरिए किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाएगी।
