Punjab Weather: पंजाब में धीमा पड़ा मानसून, गर्मी और उमस बढ़ी, 19 जुलाई से बारिश की उम्मीद
पंजाब में धीमा पड़ा मानसून, गर्मी और उमस बढ़ी
Punjab Weather: पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने शुक्रवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा जिलों के लिए हीट और उमस का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन इन जिलों के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है।
बठिंडा में सबसे अधिक 41.2 डिग्री तापमान
बारिश नहीं होने से पंजाब के मैदानी जिलों में दिन के साथ-साथ रात में भी उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को राज्य के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इसके बाद औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया। बठिंडा पूरे राज्य में सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब से दूर सक्रिय है बारिश कराने वाला सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में लो-प्रेशर एरिया ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर सक्रिय है। इसी सिस्टम के आसपास नमी वाली हवाएं इकट्ठी होकर बादल बनाती हैं और व्यापक वर्षा होती है। चूंकि यह मौसम प्रणाली पंजाब से काफी दूर बनी हुई है, इसलिए राज्य तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच रही। यही वजह है कि मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है और अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश नहीं हो पा रही है।
19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 18 जुलाई तक पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन गर्मी और उमस से राहत सीमित रहेगी। विभाग का अनुमान है कि 19 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होना शुरू होगा। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस कम होने की संभावना है।
गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग भी पहुंची ऊंचे स्तर पर
राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को पंजाब में बिजली की मांग 14,571 मेगावाट दर्ज की गई। इसके मुकाबले राज्य का अपना उत्पादन 5,588 मेगावाट रहा, जबकि अतिरिक्त जरूरत पूरी करने के लिए ग्रिड से 8,980 मेगावाट बिजली ली गई। निर्धारित आवंटन 9,141 मेगावाट के मुकाबले पंजाब ने 161 मेगावाट कम बिजली का उपयोग किया। इस दौरान ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.89 हर्ट्ज दर्ज की गई।
भाखड़ा और पोंग बांधों में बढ़ी पानी की आवक
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,582.78 फीट दर्ज किया गया, जो इसके 1,680 फीट के डेंजर लेवल से काफी नीचे है। पोंग बांध का जलस्तर 1,322.12 फीट रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका डेंजर लेवल 1,390 फीट निर्धारित है। भाखड़ा बांध में 34,193 क्यूसेक पानी की आवक हुई और 26,549 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं पोंग बांध में 10,384 क्यूसेक पानी पहुंचा, जबकि 18,041 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून सक्रिय होने पर जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
