Tarn Taran Crime News: तरनतारन में अवैध हथियारों की तस्करी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, 8 अवैध विदेशी पिस्तौल बरामद
जब्त किए गए हथियारों के साथ जानकारी देते हुए एसएसपी सुरेंद्र लंबा
Tarn Taran Crime News: सीमा से सटे पंजाब के तरनतारन जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तान से अवैध हथियार मंगवाकर पंजाब के विभिन्न जिलों में उनकी सप्लाई करते थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध विदेशी पिस्तौल, मैगजीन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। मामले में एक नाबालिग की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे किशोर न्यायालय के आदेश पर निरोध गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पार से संचालित हथियार तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने के अभियान का हिस्सा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक इन हथियारों की सप्लाई किन-किन जिलों और किन लोगों तक की गई थी।
विशेष अभियान के दौरान मिली सफलता
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व तथा फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा के मार्गदर्शन में एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा ने उपद्रवी तत्वों और हथियार तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कराया था। इसी अभियान के तहत सीआईए स्टाफ तरनतारन के इंस्पेक्टर रूपिंदरपाल सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को सूचना मिली थी कि जसकरण सिंह उर्फ करण और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श, दोनों निवासी गांव चुसलवार, कथित तौर पर सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में हैं।
साढौरा
बसारके गांव के पास दबोचे गए आरोपी
पुलिस ने विशेष नाकाबंदी कर बसारके गांव के पास मोटरसाइकिल नंबर PB02 CT-2293 पर जा रहे दोनों आरोपियों को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान उनके किट बैग से 8 अवैध विदेशी पिस्तौल और मैगजीन बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी इन हथियारों को आगे बेचने और पंजाब के अलग-अलग जिलों में पहुंचाने की तैयारी में थे। पुलिस ने बरामद मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया है।
पाकिस्तान के ‘मलिक’ नामक तस्कर से संपर्क का दावा
पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने बताया कि वे पाकिस्तान के ‘मलिक’ नामक तस्कर के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि हथियार सीमा पार से मंगवाए गए थे और उन्हें पंजाब में अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया जाना था। जांच अधिकारी अब इस नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और हथियारों की सप्लाई का दायरा कितना बड़ा है।
नाबालिग की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में एक नाबालिग साथी के हथियार तस्करी में शामिल होने की जानकारी भी मिली। उसे हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत के आदेश पर उसे निरोध गृह भेज दिया गया। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को भी अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा हथियारों की सप्लाई श्रृंखला को लेकर और जानकारी मिलने की संभावना है।
आम लोगों के लिए क्यों अहम है यह कार्रवाई
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों में अवैध हथियारों की तस्करी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती है। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई होने से अवैध हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
