July 17, 2026

Punjab Weather Update: 8 जिलों में उमस का यलो अलर्ट, 16 जिलों में बारिश के आसार, 41.3°C तक पहुंचा तापमान

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Punjab Weather Update: 8 जिलों में उमस का यलो अलर्ट, 16 जिलों में बारिश के आसार, 41.3°C तक पहुंचा तापमान

8 जिलों में उमस का यलो अलर्ट

Punjab Weather Update: पंजाब में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को राज्य के 8 जिलों के लिए गर्म और उमस भरे मौसम का यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 16 जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा। फरीदकोट में राज्य का सबसे अधिक 41.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

किन जिलों में जारी हुआ यलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, बरनाला और मानसा में दिनभर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। इन जिलों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कुछ अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा के कुछ इलाकों में भी बारिश दर्ज हो सकती है।

मानसून की रफ्तार क्यों हुई धीमी

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के अनुसार, मानसून की सक्रिय रेखा फिलहाल उत्तर भारत से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इससे पंजाब में नमी तो बनी हुई है, लेकिन बारिश कराने वाला आवश्यक ट्रिगरिंग मैकेनिज्म अभी सक्रिय नहीं है। उन्होंने बताया कि मानसून ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने या साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसी परिस्थितियां फिलहाल विकसित नहीं हुई हैं। यही कारण है कि राज्य में व्यापक बारिश देखने को नहीं मिल रही और उमस लगातार बढ़ रही है।

19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से पंजाब में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज होने की संभावना है। अगले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

भाखड़ा और पोंग बांधों की क्या है स्थिति

बीबीएमबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार भाखड़ा बांध का जलस्तर 1582.13 फीट दर्ज किया गया है, जो 1680 फीट के डेंजर लेवल से 97.87 फीट नीचे है। वहीं पोंग बांध का जलस्तर 1322.54 फीट है, जो 1390 फीट के डेंजर लेवल से 67.46 फीट कम बना हुआ है। भाखड़ा बांध में 33,701 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 26,409 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग बांध में 14,841 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है और 18,487 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

उमस बढ़ने से बिजली की मांग में उछाल

राज्य में बढ़ती गर्मी और उमस का असर बिजली की खपत पर भी दिखाई दे रहा है। पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 15,388 मेगावाट पहुंच गई है, जबकि राज्य में 6,036 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मांग और उत्पादन के बीच की कमी पूरी करने के लिए पंजाब ने राष्ट्रीय ग्रिड से 9,349 मेगावाट बिजली ली, जो उसके निर्धारित हिस्से से 269 मेगावाट अधिक रही। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.97 हर्ट्ज दर्ज की गई, जिसे सामान्य परिचालन स्थिति माना जाता है।

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