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NIT Kurukshetra Suicide Case:NIT कुरुक्षेत्र में छात्र ने की खुदकुशी: 8 दिन में दूसरी घटना से हड़कंप, दोस्त को कॉल कर कही थी ये बात

AAmandeep Singh
NIT कुरुक्षेत्र में छात्र ने की खुदकुशी: 8 दिन में दूसरी घटना से हड़कंप, दोस्त को कॉल कर कही थी ये बात
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र का प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान NIT इन दिनों किसी अनहोनी के साये में नजर आ रहा है। कैंपस में तनाव और मानसिक दबाव की चर्चाएं उस वक्त और तेज हो गईं, जब बुधवार आधी रात को सिरसा के रहने वाले बीटेक छात्र प्रियांशु वर्मा ने मौत को गले लगा लिया। सिविल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष में पढ़ रहे प्रियांशु की इस आत्मघाती कदम ने संस्थान के सुरक्षा और काउंसिलिंग सिस्टम पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह है कि महज आठ दिन पहले ही नूंह निवासी एक अन्य छात्र पवन कुमार ने भी हॉस्टल के कमरे में सुसाइड किया था।

दोस्त को फोन कर कहा— “मुझे संभाल लेना”

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प्रियांशु के दोस्त आदित्य ने पुलिस को जो बयान दिए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। आदित्य के मुताबिक, प्रियांशु पिछले कुछ दिनों से उसी के कमरे में सो रहा था। बुधवार रात करीब 8 बजे प्रियांशु ने खाना खाने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब आदित्य मेस में गया, तो प्रियांशु का फोन आया। प्रियांशु ने बेहद शांत और रहस्यमयी लहजे में कहा, “अगर मैं तेरे कमरे में न मिलूं, तो मुझे मेरे कमरे में जाकर संभाल लेना।” उस वक्त आदित्य को अंदेशा नहीं था कि ये प्रियांशु के आखिरी शब्द होंगे।

दरवाजा तोड़ा तो उड़ गए होश

रात करीब 11 बजे जब आदित्य वापस लौटा और प्रियांशु को न पाकर उसके हॉस्टल नंबर-8 स्थित कमरे पर पहुँचा, तो अंदर से कुंडी बंद थी। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका में आदित्य ने पास के कमरे के रोशनदान से झांककर देखा। अंदर का नजारा देख उसकी चीख निकल गई— प्रियांशु पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। तुरंत संस्थान प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक प्रियांशु की सांसें थम चुकी थीं।

सुलगते सवाल: आखिर क्यों जान दे रहे हैं होनहार?

पुलिस ने बताया कि सिरसा के शेरपुर गांव का रहने वाला प्रियांशु 5 अप्रैल को ही घर से लौटा था और 8 अप्रैल को उसने अपना पेपर भी दिया था। पेपर के ठीक बाद ऐसा कदम उठाना कई तरह के संदेह पैदा करता है। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे पुलिस भी फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। केयूके थाना प्रभारी विशाल कुमार ने बताया कि फिलहाल इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज की गई है और मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।

लगातार हो रही इन मौतों ने NIT कैंपस में रह रहे हजारों छात्रों को झकझोर दिया है। अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। सवाल यह है कि क्या यह केवल अकादमिक दबाव है या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह छिपी है, जिसका पता लगाना अब पुलिस और संस्थान दोनों के लिए बड़ी चुनौती है।

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