Pakistani Minor Repatriated Attari Border : पंजाब के फरीदकोट से एक मानवीयता और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत पहुंचे एक पाकिस्तानी नाबालिग को आखिरकार उसके वतन वापस भेज दिया गया।
फरीदकोट जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DLSA) संजय अग्निहोत्री और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सह सचिव गुरप्रीत कौर के दिशा-निर्देशों पर यह पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। बालक को फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम से पूरे सम्मान के साथ विदा कर अटारी बॉर्डर पहुंचाया गया।
विदेश व गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंपा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पाकिस्तानी नाबालिग बच्चा जिला फिरोजपुर से लगती भारत-पाक सीमा से अनधिकृत रूप से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। सुरक्षा बलों द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे फिरोजपुर की जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे बाल सुधार गृह (ऑब्जर्वेशन होम) भेज दिया गया।
साल 2025 में इस मामले की कानूनी सुनवाई और औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं। इसके बाद विदेश मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) नई दिल्ली से जरूरी मंजूरियां ली गईं, जिसके आधार पर कोर्ट ने बच्चे को उसके देश भेजने का आदेश जारी किया।
जज ने मिठाई, फल और कपड़े देकर की विदाई; दी नसीहत
अटारी बॉर्डर पर ऑब्जर्वेशन होम के सुपरिंटेंडेंट और उनके स्टाफ ने पाकिस्तानी रेंजर्स की मौजूदगी में बच्चे को आधिकारिक रूप से उनके सुपुर्द कर दिया। रवानगी के समय न्यायिक अधिकारियों ने बच्चे को मिठाई, फल और नए कपड़े भेंट किए तथा उसके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान सीजेएम गुरप्रीत कौर ने बच्चे को समझाते हुए आगे से कभी बिना वीजा-पासपोर्ट किसी भी देश की सीमा के करीब न जाने और गैर-कानूनी गतिविधियों से दूर रहने की नसीहत दी।
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