पंचकूला NH-5 पर 150 की स्पीड से दौड़ रहीं बाइकें; सुबह 5 से 9 बजे तक होती है स्टंटबाजी, मॉर्निंग वॉकर परेशान
पंचकूला में NH-5 बना बाइकर्स का रेसिंग ट्रैक
Panchkula NH-5 News: पंचकूला में जिरकपुर-कालका-शिमला हाईवे (NH-5) पर सुबह के समय तेज रफ्तार बाइकर्स की गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। सुबह 5 से 9 बजे के बीच दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से आने वाले हाई-परफॉर्मेंस बाइकर्स इस हाईवे पर रेसिंग जैसी गतिविधियां करते हैं। टोल प्लाजा के आसपास बाइकर्स के समूह जुटते हैं और कई बार सड़क पर खतरनाक स्टंट भी किए जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाईवे पर टोल प्लाजा के आसपास निर्धारित गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन बाइकर्स इस सीमा की अनदेखी कर 120 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बाइक दौड़ाते हैं। तेज रफ्तार के साथ बाइक के शोर से भी आसपास के लोगों को परेशानी होती है। सुबह सैर पर निकलने वाले लोगों और साइकिल चलाने वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
बाइकर्स केवल तेज रफ्तार से ही नहीं दौड़ते, बल्कि टोल प्लाजा के आसपास अपने समूह के अन्य सदस्यों का इंतजार करते समय भी स्टंट करते हैं। इस दौरान कुछ राइडर्स बाइक का अगला पहिया उठाकर व्हीली करते हैं, जबकि कुछ सड़क पर जिग-जैग तरीके से बाइक चलाते हैं। इस तरह की गतिविधियां सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। सूरजपुर इलाके के निवासियों ने इस बार बाइकर्स की स्टंटबाजी के वीडियो भी बनाए हैं। इन वीडियो में बाइक के साथ स्कूटी पर सवार युवाओं को भी स्टंट करते देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन युवाओं की उम्र करीब 18 से 25 साल के बीच है। तेज रफ्तार और खतरनाक करतबों के कारण किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
मॉर्निंग वॉकर और साइक्लिस्ट के बीच हादसे का डर
NH-5 पर बाइकर्स की तेज रफ्तार से सुबह की सैर करने वाले और साइकिल चलाने वाले लोग भी परेशान हैं। सूरजपुर निवासी 45 वर्षीय रविंदर पाल का कहना है कि उन्हें बाइकर्स की खतरनाक राइडिंग के कारण अपने नाबालिग बेटे को सुबह साइकिलिंग पर ले जाने में डर लगता है। सड़क पर तेज रफ्तार से गुजरती बाइकें बच्चों और दूसरे साइक्लिस्ट के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। चंडीगढ़ के आईटी प्रोफेशनल गगन के मुताबिक, बाइकर्स की तेज रफ्तार और बाइकों के तेज शोर से साइक्लिस्ट को परेशानी होती है। कई बार साइकिल चलाने वाले लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं। ऐसे में सुबह के समय हाईवे पर साइकिलिंग करने वालों के लिए सुरक्षित तरीके से आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि हाईवे पर लगे कैमरे बाइकर्स की तेज रफ्तार पर प्रभावी निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। टोल प्लाजा के पास 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा होने के बावजूद बाइकर्स के 120 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में तेज रफ्तार पर नियंत्रण और स्टंटबाजी रोकने को लेकर निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। सुबह के समय हाईवे पर मॉर्निंग वॉकर, साइक्लिस्ट और दूसरे वाहन भी चलते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार से बाइक चलाने या सड़क पर स्टंट करने से किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों की चिंता है कि यदि इन गतिविधियों पर रोक नहीं लगी तो किसी गंभीर हादसे की आशंका बनी रहेगी।
