Parvinder Jhota Murder Case: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झोटा के परिवार से मिलने से पहले मामले की जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया, लेकिन परिवार ने इसे अपनी मांगों के लिए पर्याप्त नहीं माना। झोटा के पिता भीम सिंह ने साफ कहा कि वह फिलहाल बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग अमित शाह के सामने रखेंगे। परविंदर झोटा का शव पिछले आठ दिनों से मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है। परिवार पहले से ही इस मामले की CBI जांच की मांग कर रहा था और मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ा हुआ है। अब जांच CBI को सौंपने के ऐलान के बाद भी परिवार का विरोध जारी है।
मान ने X पर किया CBI जांच का ऐलान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि परिवार की मांग स्वीकार करते हुए सरकार यह केस CBI को सौंप रही है। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी लड़ाई आर-पार की है और पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए सरकार कोई भी सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद उम्मीद थी कि परिवार का विरोध खत्म हो सकता है, लेकिन परविंदर झोटा के पिता ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि उसकी बाकी मांगें भी पूरी होनी चाहिए। पिता भीम सिंह ने मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात करेंगे।
पिता बोले- CM मान और DGP गौरव यादव दें इस्तीफा
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि CBI जांच की घोषणा के बावजूद परिवार अभी अंतिम संस्कार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP गौरव यादव को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। परिवार अमित शाह से मुलाकात के दौरान भी यह मुद्दा उठाएगा। झोटा के परिवार के करीबी और मामले को लेकर गठित कमेटी के सदस्य इंद्रजीत सिंह मुंशी ने भी पंजाब सरकार के ऐलान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमित शाह के दौरे को देखते हुए सरकार ने अब CBI जांच की घोषणा की है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने यह फैसला पहले क्यों नहीं लिया। इंद्रजीत सिंह मुंशी ने कहा कि परिवार का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक सभी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परविंदर सिंह के पिता के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध करने के कारण केमिस्ट अश्विनी कुमार ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद से ही यह मामला पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। हत्या के बाद परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग उठाई थी। इसी मांग को लेकर परिवार ने अंतिम संस्कार नहीं किया और शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा रहा। आठ दिन बाद भी परिवार अपने रुख पर कायम है। परिवार की मांगों और सरकार के फैसले के बीच अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात पर नजरें टिकी हैं। CBI जांच की घोषणा के बावजूद अंतिम संस्कार पर सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में मामले में आगे क्या फैसला होता है, यह परिवार और केंद्र सरकार के बीच होने वाली बातचीत के बाद स्पष्ट हो सकता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी CBI जांच के ऐलान को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमित शाह अभी जहाज में भी नहीं चढ़े थे और पंजाब सरकार ने जांच CBI को सौंपने की घोषणा कर दी। बिट्टू के इस बयान के साथ ही मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। एक तरफ पंजाब सरकार ने परिवार की मांग स्वीकार करते हुए CBI जांच का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ परिवार मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग पर कायम है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परिवार की बाकी मांगें पूरी होंगी और परविंदर झोटा का अंतिम संस्कार कब होगा। परविंदर झोटा हत्याकांड की CBI जांच होगी: अमित शाह के दौरे से पहले CM मान का ऐलान

