Pathankot Crime : पठानकोट में शिवसेना नेता के भाई की हत्या का पर्दाफाश, 9 साल पुराने कर्मचारी ने ही रची थी खूनी साजिश
पठानकोट में शिवसेना नेता के भाई की हत्या का पर्दाफाश, 9 साल पुराने कर्मचारी ने ही रची थी खूनी साजिश
Pathankot Crime : पंजाब के पठानकोट में 28 सितंबर को हुई 38 वर्षीय जितेंद्र शर्मा की संदिग्ध मौत की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। शिवसेना हिंद कोर कमेटी के चेयरमैन रवि शर्मा के छोटे भाई जितेंद्र शर्मा की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि इस खूनी खेल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि जितेंद्र की अपनी रिकवरी एजेंसी में पिछले नौ सालों से काम करने वाला बेहद करीबी कर्मचारी सुशील शर्मा है।
एक महीने से बन रही थी कत्ल की पटकथा, रंजिश बनी वजह
थाना डिवीजन नंबर 2 पुलिस और सीआईए स्टाफ की जांच में सामने आया कि आरोपी सुशील शर्मा (32) अपने मालिक जितेंद्र से अंदर ही अंदर नफरत और जलन रखता था। मामूली कहासुनी और आपसी मनमुटाव के चलते उसने करीब एक महीने पहले ही जितेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। इस आपराधिक साजिश में उसने अपने सगे भाई हेमंत शर्मा उर्फ हनी को भी शामिल कर लिया था।
खाली घर और अकेलेपन का आरोपियों ने उठाया फायदा
घटना वाले दिन शनिवार को जितेंद्र घर में अकेले थे, क्योंकि उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं और बड़े भाई रवि शर्मा किसी काम से बुंगल गांव गए थे। शाम करीब चार बजे जब परिजनों का संपर्क जितेंद्र से नहीं हो पाया, तो लहूलुहान हालत में उनका शव बेडरूम में मिला। शुरुआत में पुलिस ने इसे हादसा मानते हुए सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की थी, लेकिन भाई रवि शर्मा ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पोस्टमॉर्टम की मांग की थी।
डॉक्टर की पर्ची से खरीदी नींद की गोलियां, फिर बैट से किया वार
फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर भारी वस्तु से वार और दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद एसएचओ विजय कुमार और सीआईए प्रभारी मनदीप की टीमों ने टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस पूछताछ में आरोपी सुशील ने कबूला कि उसने पहले से ऐल्प्राजोलम की गोलियां खरीद रखी थीं। घटना के दिन उसने जितेंद्र को पहले कॉफी और फिर कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी थीं।
जब जितेंद्र नशीली दवा के असर से बेसुध हो गए, तो सुशील और उसके भाई ने कमरे में रखे क्रिकेट बैट से उनके सिर पर जोरदार प्रहार किया। जितेंद्र का शरीर मजबूत होने के कारण आरोपियों को डर था कि वे बच न जाएं, इसलिए उन्होंने बाद में हाथ से उनका गला भी दबा दिया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, खून से सना बैट बरामद
पुलिस ने दोनों हत्यारोपी भाइयों सुशील शर्मा और हेमंत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल खून से सना क्रिकेट बैट भी बरामद कर लिया है, जिसे डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। एसपी (डी) विशालजीत सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में पैसों का कोई लेन-देन सामने नहीं आया है, बल्कि निजी रंजिश ही कत्ल की मुख्य वजह रही। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
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