Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Pehowa Chaitra Chaudas Mela: पेहवा में चैत्र चौदस मेले की गूंज: सरस्वती तीर्थ पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, रोडवेज ने कसी कमर

AAmandeep Singh
पेहवा में चैत्र चौदस मेले की गूंज: सरस्वती तीर्थ पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, रोडवेज ने कसी कमर
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कुरुक्षेत्र (पेहवा)। हरियाणा की पावन धरती पर स्थित ‘पृथुदक’ यानी आज के पेहवा में एक बार फिर पूर्वजों के तर्पण और आस्था का महापर्व ‘चैत्र चौदस’ शुरू होने जा रहा है। 16 मार्च से 19 मार्च के बीच आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय ऐतिहासिक मेले के लिए प्रशासन और रोडवेज विभाग ने अपनी बिसात बिछा दी है। चैत्र मास की कृष्ण चतुर्दशी के अवसर पर होने वाले इस धार्मिक समागम में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है, जिसे देखते हुए अंबाला रोडवेज ने विशेष परिवहन योजना तैयार की है।

अंबाला डिपो से चलेंगी स्पेशल बसें, स्टाफ की छुट्टियां रद्द

विज्ञापन

मेले में आने वाले यात्रियों को सुगम सफर मुहैया कराने के लिए अंबाला रोडवेज ने 16 मार्च से ही पेहवा के लिए अतिरिक्त बसों का बेड़ा उतारने का निर्णय लिया है। अंबाला से पेहवा के बीच सीधी बस सेवा के साथ-साथ कुरुक्षेत्र और अन्य रूटों पर भी बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी। विभाग की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए रोडवेज के चालकों, परिचालकों और निरीक्षक स्टाफ की तमाम छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को बस अड्डों पर घंटों इंतजार न करना पड़े, इसके लिए रोटेशन के आधार पर ड्यूटियां लगाई गई हैं।

शौर्य और श्राद्ध की भूमि: क्या है पौराणिक महत्व?

पेहवा का सरस्वती तीर्थ महज एक जलकुंड नहीं, बल्कि सदियों पुराने इतिहास और पौराणिक मान्यताओं का संगम है। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, महाभारत के भीषण युद्ध के बाद जब पांडवों के मन में अपने परिजनों की मृत्यु का शोक था, तब भगवान श्री कृष्ण ने इसी तट पर वीरों का पिंडदान करवाया था। तभी से यह स्थान पितृ ऋण से मुक्ति और पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए ‘गया’ के समान फलदायी माना जाता है। यही वजह है कि केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी लोग यहाँ अपने पितरों का श्राद्ध और पिंडदान करने पहुंचते हैं।

प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम

सरस्वती नदी के पावन तट पर स्नान और पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मेले के दौरान घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी जगह-जगह प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाने की तैयारी की है। सरस्वती तीर्थ के चारों ओर साफ-सफाई और रोशनी के विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि रात के समय आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

विज्ञापन

कुरुक्षेत्र की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।