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Pehowa News: पिहोवा के काली पीठ धाम में गायत्री महायज्ञ संपन्न, विधायक मनदीप सिंह चट्ठा और संतों ने डाली आहुति

AAmandeep Singh
Pehowa News: पिहोवा के काली पीठ धाम में गायत्री महायज्ञ संपन्न, विधायक मनदीप सिंह चट्ठा और संतों ने डाली आहुति
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पिहोवा। (अभिषेक पूर्णिमा): धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पिहोवा स्थित मॉडल टाउन के श्री दक्षिणा काली पीठ धाम में पिछले सात दिनों से चल रहा आध्यात्मिक अनुष्ठान रविवार को पूरी भव्यता के साथ संपन्न हो गया। महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी महाराज के कुशल मार्गदर्शन और भारत साधु समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस सप्त दिवसीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। वैदिक मंत्रों की गूंज, कन्या पूजन, संतों के ओजस्वी प्रवचन और एक विशाल भंडारे के साथ इस धार्मिक महाकुंभ को विश्राम दिया गया।

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सुबह से ही लगी रहीं कतारें, यज्ञाचार्य ने कराया विधि-विधान से पूजन

यज्ञ की कमान संभाल रहे प्रख्यात यजमान और यज्ञाचार्य डॉ. अभिषेक कुश सहित विद्वान ब्राह्मणों की टोली ने मुख्य यजमानों और श्रद्धालुओं से पूरे शास्त्रोक्त नियमों के साथ अंतिम आहुतियां डलवाईं। डॉ. अभिषेक कुश ने बताया कि रविवार अलसुबह से ही महायज्ञ स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना और यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। जैसे-जैसे आहुतियां बढ़ती गईं, ब्राह्मणों द्वारा किए जा रहे सस्वर वेद पाठ की गूंज से पूरा वातावरण दिव्य और अलौकिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।

एक मंच पर जुटे दिग्गज संत और राजनेता

इस ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान में शिरकत करने के लिए देश के कोने-कोने से संत समाज पिहोवा पहुंचा था। महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी और श्रीमहंत बंसी पुरी के अलावा महंत विश्वनाथ गिरी, संत आत्मविभोर पुरी, महंत भीम पुरी, महंत लक्ष्मीनारायण पुरी, महंत सर्वेश्वरी गिरी, संत ज्ञानेश्वर, महंत जगन्नाथ पुरी, स्वामी महेश पुरी और स्वामी चमन गिरी जैसे उच्च कोटि के सन्यासियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

वहीं, इस पावन अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गजों ने भी यज्ञवेदी के सामने शीश नवाया। स्थानीय विधायक मनदीप सिंह चट्ठा, गोपाल कौशिक, राकेश वधवार, अवतार वालिया, अमित चक्रपाणि, हन्नु चक्रपाणि, भाजपा नेता सतीश सैनी और सरपंच विकल चौबे सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां काली के दरबार में हाजिरी लगाई और देश व प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

यज्ञ और गायत्री मंत्र ही मानव कल्याण का मार्ग: स्वामी विद्या गिरी

सभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी महाराज ने गायत्री महायज्ञ के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सनातन धर्मग्रंथों में गायत्री महायज्ञ को मानव कल्याण और समाज में सुख-शांति स्थापित करने का सबसे अचूक और श्रेष्ठ माध्यम माना गया है। यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति की वह धरोहर है जो मनुष्य को स्वार्थ से ऊपर उठकर परमार्थ, अच्छे विचारों और सेवा भाव की प्रेरणा देती है।” उन्होंने आगे कहा कि गायत्री मंत्र का नियमित जप व्यक्ति के भीतर के अंधकार को मिटाकर उसकी बुद्धि को शुद्ध बनाता है।

युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन: श्रीमहंत बंसी पुरी

वहीं, भारत साधु समाज के प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज ने बदलते दौर में धार्मिक आयोजनों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि आज के आधुनिक युग में जहां नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, वहां इस तरह के कथा, सत्संग और यज्ञ जैसे आयोजन समाज को बिखरने से बचाते हैं। ये आयोजन पूजा-पाठ के साथ-साथ लोगों को आपसी भाईचारे में पिरोने और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति व संस्कारों से रूबरू कराने का एक बेहतरीन मंच हैं।

सेवादारों ने जताया आभार

समारोह के सफल आयोजन पर मंदिर के मुख्य सेवादार विपिन काहड़ा और जाने-माने समाजसेवी बलदेव गर्ग आढ़ती ने संयुक्त रूप से देश भर से आए सभी संत-महात्माओं, प्रशासनिक अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और सेवा में जुटे श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

इस भव्य समापन अवसर पर पंडित राधे राधे, सोनू अत्री, अनिल बंसल, परमानंद चौबे, टेकचंद बंसल, सुभाष अग्रवाल, जीवन सिंगला, सुदेश शर्मा, चारु चक्रपाणि, सरोज गुप्ता, उर्मिल शर्मा सहित भारी संख्या में मातृशक्ति और स्थानीय निवासी मौजूद रहे, जिन्होंने देर शाम तक चले विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया।

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