Punjab Weather Update : पंजाब और चंडीगढ़ के आसमान पर मंडराते बादलों के बीच मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से चिपचिपी गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी 6 अक्टूबर से अगले चार दिनों तक क्षेत्र के कई इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा।
इस दौरान हल्की से लेकर मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, राहत के इस दौर के साथ-साथ तेज आंधी और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन और मौसम केंद्र ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर : हवाओं की रफ्तार बढ़ाएगी चिंता
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव के पीछे ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय हुआ एक नया पश्चिमी विक्षोभ मुख्य वजह है। इसके प्रभाव से आज और कल यानी 6 व 7 अक्टूबर को कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
हवा का रुख बदलते ही इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं और आंधी-बिजली का ऑरेंज या येलो अलर्ट जारी किया है।
चार दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान: कब और कहां होगी बारिश
बारिश का यह दौर केवल शुरुआती दो दिनों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। आठ और नौ अक्टूबर को भी छिटपुट स्थानों पर बादलों के बरसने की संभावना बनी हुई है, हालांकि उस दौरान हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी यानी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस पूरे सप्ताह मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर बना रहेगा।
तापमान की स्थिति और बठिंडा में सबसे अधिक गर्मी
मौसम में बदलाव के इन शुरुआती संकेतों के बीच राज्य में गर्मी और उमस का असर पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते तापमान सामान्य से अभी भी 1.8 डिग्री ऊपर चल रहा है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य में सबसे ज्यादा 37.1 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के लिहाज से काफी ज्यादा माना जा रहा है।
बिजली की मांग में आई मामूली गिरावट और राहत
बदलते मौसम के बीच बिजली की खपत को लेकर भी राहत भरी तस्वीर सामने आई है। पंजाब में बिजली की कुल मांग 9,728 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान राज्य ने ग्रिड से 4,309 मेगावाट बिजली ली, जबकि तय सप्लाई 4,352 मेगावाट की थी यानी जरूरत से 43 मेगावाट कम बिजली की खपत हुई। इसके अलावा राज्य के भीतर कुल बिजली का उत्पादन 5,421 मेगावाट रिकॉर्ड किया गया, जिससे बिजली प्रबंधन की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में बनी हुई है।

