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पंजाब के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' बिक्रमजीत बराड़ बने एसपी: 5 प्रेसिडेंट मेडल जीतने वाले जांबाज अफसर को मिला प्रमोशन

JJagmarg Desk
पंजाब के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' बिक्रमजीत बराड़ बने एसपी: 5 प्रेसिडेंट मेडल जीतने वाले जांबाज अफसर को मिला प्रमोशन
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फरीदकोट/डेरा बस्सी: पंजाब पुलिस के सबसे चर्चित चेहरों में से एक और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के दिग्गज अधिकारी बिक्रमजीत सिंह बराड़ (पीपीएस) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। अपनी बेखौफ सर्विस और बहादुरी के लिए मशहूर बराड़ को विभाग ने सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) के पद पर प्रमोट किया है। सोमवार को जारी सरकारी आदेशों के अनुसार, बराड़ के साथ दो अन्य अधिकारियों, सरबजीत सिंह और गुरइकबाल सिंह को भी एसपी रैंक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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मूसेवाला के कातिलों का काल बने थे बराड़

बिक्रमजीत बराड़ को पंजाब का असली ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहा जाता है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद जब राज्य में दहशत का माहौल था, तब बराड़ ने ही उस ऑपरेशन को लीड किया था जिसमें शार्पशूटर जगरूप सिंह उर्फ रूपा और मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू कुसा को ढेर किया गया था। इतना ही नहीं, विक्की गौंडर, प्रेमा लाहौरिया और अंकित भादू जैसे खूंखार गैंगस्टरों के साम्राज्य को खत्म करने में भी उनकी भूमिका अग्रिम रही है।

बहादुरी का गौरवशाली इतिहास

बिक्रमजीत बराड़ के रगों में बहादुरी विरासत के तौर पर दौड़ती है। उनका परिवार दशकों से पंजाब की सुरक्षा के लिए समर्पित रहा है। उनके पिता, बलदेव सिंह बराड़ (पीपीएस), 1988 में आतंकवाद के दौर के दौरान पटियाला में एसपी (डिटेक्टिव) के पद पर तैनात थे और ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए थे। उनके बड़े भाई वरिंदर सिंह बराड़ भी एक वरिष्ठ पीपीएस अधिकारी हैं और एसएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

रिकॉर्ड तोड़ सम्मान: 5 बार प्रेसिडेंट मेडल

बिक्रमजीत बराड़ पंजाब पुलिस के उन विरले अधिकारियों में शामिल हैं जिनके सीने पर 5 राष्ट्रपति वीरता पदक सजे हैं। उनके सम्मानों की सूची काफी लंबी है। यूनियन होम मिनिस्टर मेडल (2021), स्पेशल ऑपरेशन्स मेडल (2022), गृह मंत्रालय द्वारा विशेष ऑपरेशन्स हेतु, मुख्यमंत्री रक्षक मेडल (2023) अदम्य साहस के लिए, DGP कमेंडेशन डिस्क, रिकॉर्ड 27 बार सम्मानित किए जा चुके हैं।

अनोखा करियर ग्राफ

बराड़ की कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2019 में तत्कालीन कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने उन्हें उनकी उपलब्धियों के आधार पर इंस्पेक्टर से सीधे डीएसपी के पद पर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया था। एजीटीएफ में रहते हुए उन्होंने न केवल पंजाब, बल्कि देश के बाहर बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई है।

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