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Rajasthan Chandipura Virus: खतरनाक चांदीपुरा वायरस की दस्तक, 2 बच्चियों की मौत के बाद हेल्थ अलर्ट, 75 घरों में किया सर्वे

Rajasthan Chandipura Virus: खतरनाक चांदीपुरा वायरस की दस्तक, 2 बच्चियों की मौत के बाद हेल्थ अलर्ट, 75 घरों में किया सर्वे

घर घर सर्वे करती स्वास्‍थ्‍य विभाग की टीम

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Rajasthan Chandipura Virus: राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (CHPV) के दो मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। डूंगरपुर जिले के रतनपुरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची और सिरोही जिले की 2 वर्षीय बच्ची की गुजरात के अस्पतालों में इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों की लैब रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि होने के बाद राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को भेजकर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में विशेष रूप से 15 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी नए संदिग्ध मामले का समय रहते पता लगाया जा सके।

 

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डूंगरपुर की बच्ची की मौत के आठ दिन बाद आई रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक के रतनपुरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची 12 जुलाई को बीमार हुई थी। अगले दिन परिवार उसे सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल लेकर गया। हालत बिगड़ने पर बच्ची को मेघरज और मोडासा के निजी अस्पतालों में भी दिखाया गया। इसके बाद 14 जुलाई को उसे गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को चांदीपुरा वायरस की आशंका होने पर उसी दिन सैंपल लिया गया, लेकिन 15 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे बच्ची की मौत हो गई। 23 जुलाई को गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर से आई जांच रिपोर्ट में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई। रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और तेज कर दी।

 

सिरोही की दो वर्षीय बच्ची की भी इलाज के दौरान मौत

सिरोही जिले की दो वर्षीय बच्ची का इलाज गुजरात के बनासकांठा जिले के अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में उसमें भी चांदीपुरा वायरस की पुष्टि हुई है। इन दोनों मामलों के बाद राजस्थान सरकार ने सीमावर्ती जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट पर रखा है। चिकित्सा विभाग लगातार गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ भी समन्वय बनाए हुए है।

 

रतनपुरा गांव में 75 घरों का सर्वे, नए मरीज नहीं मिले

डूंगरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि सीमलवाड़ा ब्लॉक के रतनपुरा गांव में 75 घरों का सर्वे किया गया। मेडिकल टीमों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की, लेकिन फिलहाल चांदीपुरा वायरस का कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजस्थान में अब तक चांदीपुरा वायरस के तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें दो मामलों में संक्रमण की पुष्टि के साथ मौत हुई है।

स्वास्थ्य विभाग ने डूंगरपुर, सिरोही और उदयपुर में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय कर दी हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं और तेज बुखार, उल्टी, दौरे तथा होश में बदलाव जैसे लक्षणों वाले बच्चों की पहचान कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लक्षण एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) जैसी गंभीर स्थिति से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए किसी भी बच्चे में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे अभियान तेज कर दिया है। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि यदि बच्चों में तेज बुखार, लगातार उल्टी, दौरे, अत्यधिक सुस्ती या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। इसके साथ ही पशुपालन विभाग भी अपने स्तर पर सक्रिय है। विभाग की टीमें मवेशियों की जांच करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक स्प्रे करवा रही हैं, ताकि संक्रमण फैलाने वाले कीटों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।

 

क्या है चांदीपुरा वायरस और इसके लक्षण?

चांदीपुरा वायरस (CHPV) एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। यह संक्रमण अक्सर मानसून के दौरान सामने आता है और तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में संक्रमण मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

  1. तेज बुखार
  2. बार-बार उल्टी होना
  3. दौरे पड़ना
  4. बेहोशी या होश में बदलाव
  5. अत्यधिक सुस्ती
  6. सिरदर्द और चिड़चिड़ापन

 

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चों में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर घरेलू इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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