Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Renuka Dam Project Haryana: हरियाणा-हिमाचल जल समझौता: गिरि नदी पर बन रहे रेणुका बांध से हरियाणा को भी मिलेगा पानी का बड़ा हिस्सा

GGaganpreet Kaur
हरियाणा-हिमाचल जल समझौता: गिरि नदी पर बन रहे रेणुका बांध से हरियाणा को भी मिलेगा पानी का बड़ा हिस्सा
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

पिहोवा(अभिषेक पूर्णिमा) उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में गहराते जल संकट के बीच हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। हिमाचल की गिरि नदी पर केंद्र सरकार के सहयोग से बन रहा रेणुका जी बांध अब अपने मुकम्मल आकार की तरफ बढ़ रहा है। इस बांध के निर्माण से न सिर्फ दिल्ली और हिमाचल, बल्कि हरियाणा के एक बड़े हिस्से को भी अपने कोटे का पानी मिलना सुनिश्चित होगा। इसी सिलसिले में जमीनी हकीकत और तकनीकी कड़ियों को जोड़ने के लिए हरियाणा सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के रेणुका स्थित मुख्य कार्यालय का दौरा किया।

एचपीसीएल के अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक, आदिबद्री पर बनी सहमति

विज्ञापन

डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच की HPPCL के जनरल मैनेजर (GM) अनूप कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा हिमाचल के सहयोग से हरियाणा सीमा में बनने वाले ‘आदिबद्री बांध की अड़चनों को दूर करना था। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि आदिबद्री डैम के साथ-साथ संबंधित बैराज का निर्माण कार्य बेहद जल्द धरातल पर शुरू होने जा रहा है। वर्तमान में यह पूरी परियोजना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (जो कि सरस्वती बोर्ड के चेयरमैन भी हैं) की सीधी निगरानी में टेंडर प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सरकार की योजना इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कर प्रदेश के किसानों को एक बड़ा तोहफा देने की है।

सरस्वती नदी प्रोजेक्ट: चुनावी वादा नहीं, भविष्य की जल-सुरक्षा

सरस्वती नदी को सिर्फ एक पौराणिक मान्यता न मानकर उसे धरातल पर उतारने का जो प्रयास पिछले कुछ सालों में हुआ है, उसके परिणाम अब दिखने लगे हैं। धूमन सिंह किरमच ने बताया कि सरस्वती नदी चैनल में पानी छोड़े जाने के बाद से कुरुक्षेत्र, पिहोवा और आसपास के तटीय गांवों के भूजल स्तर (Groundwater Level) में अप्रत्याशित सुधार दर्ज किया गया है। जिन इलाकों के किसान कभी डार्क जोन और सूखे की मार झेल रहे थे, आज उनके चेहरों पर संतोष की लकीरें हैं। उन्होंने साफ किया कि सरस्वती रिवर प्रोजेक्ट कोई तात्कालिक योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बनाई गई एक दीर्घकालिक जल-रणनीति है, जिस पर सरकार बिना किसी राजनीतिक नफा-नुकसान के पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों का साझा विजन ला रहा रंग

इस पूरे मामले में सबसे उल्लेखनीय पहलू विभिन्न राज्यों और केंद्र के बीच का आपसी समन्वय है। जानकारों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और दोनों राज्यों (हरियाणा-हिमाचल) के मुख्यमंत्रियों की आपसी सहमति न होती, तो दशकों से लटके ये प्रोजेक्ट फाइलों से बाहर नहीं आ पाते। हरियाणा सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर बांध और बैराज का ढांचा तैयार कर लिया जाए ताकि मानसून के दौरान व्यर्थ बह जाने वाले पानी को रोककर उसका इस्तेमाल कृषि और सिंचाई के लिए किया जा सके।

विज्ञापन

कुरुक्षेत्र की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।