Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana School Syllabus Change: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरा किया वादा; हरियाणा के इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल हुईं सिख गुरुओं की अमर गाथाएं

GGaganpreet Kaur
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरा किया वादा; हरियाणा के इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल हुईं सिख गुरुओं की अमर गाथाएं
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

पिहोवा(अभिषेक पूर्णिमा) हरियाणा की स्कूली शिक्षा के इतिहास में एक नया और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने राज्य के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए आठवीं कक्षा के इतिहास की किताबों में सिख गुरुओं की जीवनी, उनकी शिक्षाओं और मानवता के लिए किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को शामिल करने का आधिकारिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कुरुक्षेत्र के पिहोवा से जिला परिषद अध्यक्ष कंवलजीत कौर ने इसे नई पीढ़ी के भविष्य को वैचारिक रूप से मजबूत करने वाला फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि इतिहास के सही पन्नों को बच्चों तक पहुंचाना किसी भी सरकार का सबसे बड़ा सांस्कृतिक दायित्व होता है।

मुख्यमंत्री सैनी ने निभाया वादा, शहीदी समागम की घोषणा को किया पूरा

विज्ञापन

गौरतलब है कि यह फैसला कोई अचानक लिया गया नीतिगत बदलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे प्रदेश के मुखिया की दृढ़ प्रतिबद्धता रही है। कंवलजीत कौर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष आभार जताते हुए याद दिलाया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के पावन अवसर पर सरकार ने जनता से यह वादा किया था। मुख्यमंत्री द्वारा इस घोषणा को समय रहते पूरा करना यह साफ दिखाता है कि मौजूदा सरकार सिख इतिहास, संस्कृति और उसकी विरासत को कितना उच्च सम्मान देती है। अब तक जो इतिहास केवल गुरुद्वारों की दीवारों या धार्मिक दीवानों तक सीमित था, वह अब स्कूलों के ब्लैकबोर्ड और बच्चों की कॉपियों तक पहुंचेगा।

बाबा बंदा सिंह बहादुर के शौर्य से पैदा होगी देशभक्ति की भावना

पाठ्यक्रम में केवल धार्मिक शिक्षाओं को ही नहीं, बल्कि उस सैन्य और सामाजिक संघर्ष को भी जगह दी जा रही है जिसने तत्कालीन क्रूर शासकों की जड़ें हिला दी थीं। नए सिलेबस के तहत स्कूली छात्र अब बाबा बंदा सिंह बहादुर के अद्वितीय संघर्ष, उनके शौर्य और मातृभूमि के लिए हंसते-हंसते प्राण न्यौछावर करने की वीर गाथाओं से रूबरू होंगे। शिक्षाविदों और सामाजिक विचारकों का मानना है कि जब बच्चे छोटी उम्र में ऐसी महान शख्सियतों के बारे में पढ़ते हैं, तो उनके भीतर स्वाभाविक रूप से देशभक्ति, अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस और आपसी भाईचारे की भावना बलवती होती है।

शिक्षा के साथ संस्कारों का मेल, बेहतर नागरिक बनाने की अनूठी पहल

इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर चर्चा करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि सिख गुरुओं का पूरा जीवन किसी एक समुदाय विशेष के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के कल्याण, समानता और समरसता के लिए समर्पित था। आज के इस डिजिटल और आधुनिक दौर में जब युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से कट रही है, तब पाठ्यक्रम का यह हिस्सा उन्हें नैतिक मूल्यों और संस्कारों की एक नई संजीवनी देगा। हरियाणा सरकार शिक्षा के आधुनिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने का जो दोहरा काम कर रही है, वह आने वाली नस्लों को एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

विज्ञापन

कुरुक्षेत्र की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।