Yamunanagar News: खाकी वर्दी का मतलब सिर्फ कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी जान की बाजी लगाकर समाज की रक्षा करना भी है। देश की सुरक्षा और आंतरिक शांति बनाए रखने के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस जवानों की स्मृति में बुधवार को यमुनानगर की पुलिस लाइन में एक भावुक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पुलिस स्मृति दिवस समारोह के दौरान पिछले एक वर्ष के अंतराल में देश भर में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस और शौर्य को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को नमन करने के साथ हुई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।
एसपी कमलदीप गोयल ने दी श्रद्धांजलि, शहीदों के बलिदान को बताया प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पहुंचे पुलिस अधीक्षक (SP) कमलदीप गोयल ने शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस गारद ने शस्त्र झुकाकर शहीदों को सलामी दी, और उपस्थित तमाम पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। एसपी कमलदीप गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस के जवान विपरीत और कठिन परिस्थितियों के बीच भी अपने कतर्व्यों से पीछे नहीं हटते। समाज और देश की सुरक्षा के खातिर इन जवानों द्वारा दिया गया बलिदान हमेशा अमर रहेगा और पुलिस बल के हर सिपाही के लिए प्रेरणा का काम करता रहेगा।
यमुनानगर के सात वीर सपूतों के परिजनों का होगा सम्मान
इस गरिमामयी समारोह के दौरान एक खास घोषणा भी की गई। एसपी ने बताया कि इस साल देश भर में शहीद हुए जवानों में सात ऐसे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिनकी जड़ें यमुनानगर जिले से जुड़ी थीं। इन स्थानीय शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए पुलिस विभाग विशेष अभियान चलाएगा। अधिकारियों की टीम उनके पैतृक गांवों और स्कूलों तक पहुंचेगी ताकि उनके शौर्य को स्थानीय स्तर पर भी उचित सम्मान मिल सके और आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को याद रख सकें।
10 दिनों तक चलेंगे कार्यक्रम, 22 अक्टूबर को नेहरू पार्क में सजेगा मंच
शहीदों के सम्मान में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का सिलसिला अगले दस दिनों तक अनवरत जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न जागरूकता और खेल गतिविधियों के माध्यम से पुलिसकर्मियों के संघर्ष को याद किया जाएगा, जिसका समापन एक भव्य दौड़ के साथ होगा। इसके अलावा, आगामी 22 अक्टूबर को यमुनानगर के नेहरू पार्क में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पुलिस बैंड अपनी खास धुनें बिखेरते हुए जिले के सातों शहीद जवानों को नमन करेगा। बता दें कि हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाने वाला यह दिवस साल 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 10 वीर जवानों की शहादत की याद में आयोजित किया जाता है।
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