August 3, 2026

Punjab Bus Strike: पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा, 1000 से ज्यादा रूट प्रभावित

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Punjab Bus Strike: पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा, 1000 से ज्यादा रूट प्रभावित

पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल जारी

Punjab Bus Strike: पंजाब में सरकारी बस सेवाएं सोमवार को भी ठप रहीं। रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों तथा सरकार के बीच हुई बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद यूनियन ने साफ कर दिया कि हड़ताल फिलहाल जारी रहेगी। रात 12 बजे से शुरू हुई इस हड़ताल का असर पूरे पंजाब में दिखाई दे रहा है। चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और अन्य जिलों के बस अड्डों पर यात्री घंटों इंतजार करते नजर आए।

यूनियन ने घोषणा की है कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो मंगलवार को मोहाली से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला जाएगा। इससे आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर और असर पड़ने की संभावना है।

 

सरकार से वार्ता विफल, यूनियन ने आंदोलन तेज करने के दिए संकेत

रोडवेज, पनबस-पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी वजह से कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यूनियन ने पहले ही 5 अगस्त तक हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

जालंधर बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बस अड्डों पर देखने को मिला। जालंधर बस स्टैंड पर उमस और गर्मी के बीच यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं। जैसे ही एक सरकारी बस पहुंची, उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई महिलाओं को बस के दरवाजों और खिड़कियों के पास खड़े होकर सफर करने की कोशिश करते देखा गया। भीड़ अधिक होने के कारण यात्रियों को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा।

 

1000 से ज्यादा रूट प्रभावित, कई राज्यों की सेवाएं भी प्रभावित

पंजाब सरकार के पास 2,900 से अधिक सरकारी बसों का बेड़ा है। इनमें लगभग 1,694 बसें पंजाब रोडवेज और पनबस की हैं, जबकि 1,304 बसें पीआरटीसी के बेड़े में शामिल हैं। ये बसें राज्य के भीतर और बाहर मिलाकर 1000 से अधिक रूटों पर संचालित होती हैं। अकेले पीआरटीसी की बसें 577 से अधिक रूटों पर सेवाएं देती हैं। पंजाब के अलावा दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के लिए भी सरकारी बसें नियमित रूप से संचालित होती हैं। हड़ताल के कारण इन रूटों पर भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर सबसे ज्यादा असर

सरकारी बसों की हड़ताल का सबसे अधिक असर रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ा है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी तथा दूसरे राज्यों में यात्रा करने वाले यात्री वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हो गए हैं। सामान्य दिनों में पंजाब की सरकारी बसें प्रतिदिन 1000 से अधिक लोकल और इंटरस्टेट रूटों पर चलती हैं और औसतन 6.5 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती हैं। ऐसे में बस सेवाएं बंद होने से लाखों यात्रियों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हुई है।

 

यात्रियों ने जताई नाराजगी

जालंधर बस स्टैंड पर अमृतसर जाने का इंतजार कर रही एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि काफी देर से बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन कोई सरकारी बस नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए। बस अड्डों पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी कहा कि निजी वाहनों का किराया अधिक होने के कारण आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। यदि हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।

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