Himachal Pradesh: हिमाचल में बारिश का कहर, निरमंड में लैंडस्लाइड से सरकारी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त, कई जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज हो गया है। रविवार रात शिमला जिले के ठियोग और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। ठियोग के प्रेमघाट में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें एक गाड़ी पर गिर गईं। लगातार बारिश के कारण शिमला और आसपास के इलाकों में 20 से अधिक सड़कें भी बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उधर, कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया। लैंडस्लाइड की चपेट में आने से सरकारी स्कूल पांकवा का भवन क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अगले छह दिन लगातार बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले छह दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। सोमवार के लिए बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर मंगलवार सुबह 5:30 बजे तक चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
4 से 6 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 5 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों के लिए भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं 6 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की हिदायत दी गई है।
मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 8% कम बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 1 जून से 31 जुलाई तक 347.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में सामान्य वर्षा 376.6 मिलीमीटर मानी जाती है। इस आधार पर प्रदेश में अब तक मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई महीने में बारिश की रफ्तार बढ़ने से कई जिलों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जुलाई में सामान्य से 6% अधिक बरसे बादल
जुलाई महीने में पूरे हिमाचल प्रदेश में 272.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 6 प्रतिशत अधिक रही। इससे कई क्षेत्रों में जल स्रोतों और खेती को राहत मिली, लेकिन लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं। आंकड़ों के अनुसार जुलाई में चंबा में सामान्य से 46 प्रतिशत, कुल्लू में 62 प्रतिशत, किन्नौर में 59 प्रतिशत, शिमला में 41 प्रतिशत, सिरमौर में 12 प्रतिशत, सोलन में 7 प्रतिशत और ऊना में 1 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं बिलासपुर में 1 प्रतिशत कम, कांगड़ा में 7 प्रतिशत कम, मंडी में 21 प्रतिशत कम और लाहौल-स्पीति में 43 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
लोगों के लिए क्यों जरूरी है यह अलर्ट?
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बंद होने और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों, पर्यटकों और वाहन चालकों के लिए मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
