UPI GST MDR Charges: UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर: ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा MDR का बोझ, सरकार रखेगी मर्चेंट्स पर नजर
UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर: ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा MDR का बोझ, सरकार रखेगी मर्चेंट्स पर नजर
UPI GST MDR Charges: डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। यूपीआई (UPI) लेनदेन पर जीएसटी (GST) लगाए जाने की सोशल मीडिया पर तैर रही खबरों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह से आधारहीन और अफवाह करार दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने सरकारी सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि यूपीआई पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर मर्चेंट्स या डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर किसी तरह का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी से जुड़े तकनीकी मामलों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए समायोजित कर लिया जाएगा और यदि आगे कोई व्यावहारिक दिक्कत आती भी है, तो जीएसटी काउंसिल उस पर विचार करेगी।
15 अक्टूबर से लागू होगी MDR व्यवस्था, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ
आगामी 15 अक्टूबर से प्रभावी हो रही नई MDR व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपनी नीति साफ कर दी है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस फैसले से डिजिटल पेमेंट की रफ्तार सुस्त पड़ने या कैश (नकद) लेनदेन अचानक बढ़ने के कोई संकेत नहीं हैं।
सरकार इस बात पर सख्त निगरानी रखेगी कि कोई भी व्यापारी या मर्चेंट MDR शुल्क का वित्तीय बोझ सीधे ग्राहकों की जेब पर न डाले। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ने पेमेंट एग्रीगेटर्स के साथ विस्तृत दौर की बातचीत पूरी कर ली है ताकि जमीनी स्तर पर किसी भी तकनीकी खामी को तुरंत दुरुस्त किया जा सके।
शेयर बाजार में 0.02% MDR पर दिया स्पष्टीकरण
केवल रिटेल यूपीआई ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में लागू किए गए MDR चार्ज को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सूत्रों के अनुसार, शेयर बाजार के लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत MDR चार्ज लगाने का फैसला अचानक नहीं, बल्कि काफी विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले बाजार नियामक सेबी (SEBI), प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य वित्तीय हितधारकों के साथ कई दौर की बैठकें की गई थीं।
18-19 सितंबर को दिल्ली में जुटेगा देश का ‘वित्त कुनबा’
दूसरी तरफ, देश के आर्थिक ढांचे को मजबूती देने के लिए वित्त मंत्रालय 18 और 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।
‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा के लिए वित्त-पोषण’ विषय पर आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री, वित्त सचिव और कई राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के आर्थिक रोडमैप, राज्यों के वित्तीय सहयोग और भावी रणनीतियों पर गहन मंथन करना है।
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