Hansi News: हांसी में 10 किसान नेता भोंडसी जेल भेजे गए, हिसार में जीवन हत्याकांड पर महापंचायत शुरू

हांसी में 10 किसान नेता भोंडसी जेल भेजे गए, हिसार में जीवन हत्याकांड पर महापंचायत शुरू
Hansi News: हिसार का जीवन कुंडू हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक मामला न रहकर राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का बड़ा केंद्र बन चुका है। हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उग्र हुए आंदोलन और स्वतंत्रता दिवस पर हांसी में हुए उपद्रव के बाद पुलिस का कड़ा एक्शन जारी है। एक तरफ जहां गिरफ्तार किए गए 10 प्रमुख किसान नेताओं को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई और मुख्य आरोपी की ढिलाई से नाराज न्याय संघर्ष समिति ने आज एक बड़ी महापंचायत का ऐलान कर दिया है।
अदालत परिसर में गूंजे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे, 10 नेता न्यायिक हिरासत में
हांसी में सीएम के कार्यक्रम के दौरान उपद्रव फैलाने और पुलिस बल पर हमले के आरोप में गिरफ्तार 10 किसान नेताओं को आज अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भोंडसी जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस जब किसान नेताओं को कोर्ट से बाहर ले जा रही थी, तो परिसर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।
जेल भेजे गए नेताओं में शमशेर सिंह नंबरदार, सुरेश कौथ, सुरेंद्र (पड़ाव चौक हिसार), सुभाषचंद्र (नहला), सतपाल लाडवा, सुमित (चिड़ी, रोहतक), रणबीर (उमरा), वजीर सिंह लाडवा, जगमहेंद्र (बहु अकबरपुर) और सुलेंद्र (किनाला) शामिल हैं। उधर, पुलिस का एक्शन हिसार तक नजर आया, जहां बरवाला टोल प्लाजा पर जबरन जाम लगाने वाले प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया है।
महापंचायत में पहुंचे खाप चौधरी, कांग्रेस सांसद और विधायक
पुलिसिया कार्रवाई और जीवन कुंडू के हत्यारों को न पकड़े जाने से न्याय संघर्ष समिति का गुस्सा सातवें आसमान पर है। समिति द्वारा बुलाई गई आज की महापंचायत में इलाके की तमाम खाप पंचायतों के प्रतिनिधि, किसान संगठन और राजनीतिक हस्तियां जुटने लगी हैं। महापंचायत में स्थानीय कांग्रेस सांसद, विधायकों समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की है। खाप चौधरियों का कहना है कि प्रशासन न्याय देने के बजाय आवाज उठाने वालों को जेलों में ठूंस रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानिए क्या हुआ था स्वतंत्रता दिवस के दिन हांसी में?
पूरे विवाद की जड़ स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को हांसी के नेहरू कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय ध्वजारोहण समारोह से जुड़ी है। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि तिरंगा फहराने पहुंचे थे। जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर पिछले 10-12 दिनों से विरोध जता रहे प्रदर्शनकारी सीएम के कार्यक्रम का घेराव करने की नीयत से आगे बढ़े।
जब प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो उन्होंने सिसाये पुल नाके पर तैनात पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया और कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। इस हिंसक झड़प में हांसी के एसपी विनोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा था। इसके बाद हांसी पुलिस ने 14 नामजद नेताओं और 150-200 की उग्र भीड़ पर जानलेवा हमला करने और राष्ट्रध्वज के अपमान जैसी अति-गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।
