Sonipat News: 17 अगस्त की छुट्टी के बावजूद खुले सोनीपत के निजी स्कूल, DC के आदेश दरकिनार

17 अगस्त की छुट्टी के बावजूद खुले सोनीपत के निजी स्कूल, DC के आदेश दरकिनार
Sonipat News: स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा घोषित 17 अगस्त के सरकारी अवकाश के बावजूद सोमवार सुबह सोनीपत जिले की सड़कों पर स्कूली बच्चों की आवाजाही देखने को मिली। जिला उपायुक्त (DC) नेहा सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी की पालना सुनिश्चित करवाने के कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शहर के कई निजी स्कूल खुले रहे, जिससे प्रशासन की निगरानी और इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोनीपत के प्रसिद्ध शिवा शिक्षा सदन स्कूल में सोमवार सुबह का नजारा प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी था। यहां छोटे-छोटे मासूम बच्चे अपनी पीठ पर भारी-भरकम बस्ते लादकर स्कूल परिसर में दाखिल होते दिखे। सरकारी छुट्टी का स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी बच्चों को स्कूल बुलाए जाने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मनमानी पर सवाल उठना लाजमी है।
ढीली निगरानी व्यवस्था से बुलंद हैं निजी स्कूल संचालकों के हौसले
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है जब सोनीपत में किसी सरकारी या प्रशासनिक छुट्टी के आदेशों को निजी स्कूल संचालकों ने ठेंगा दिखाया हो। जब भी भारी बारिश, भीषण गर्मी या किसी समारोह के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन आदेश जारी करता है, कई निजी संस्थान बेखौफ होकर अपनी दुकानें चलाते रहते हैं।
सवाल यह उठ रहा है कि जब जिला प्रमुख की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण के निर्देश दिए गए थे, तो फिर इन स्कूलों पर ताले क्यों नहीं लटके? शिक्षा विभाग की इस ढिलाई और कमजोर निगरानी व्यवस्था के चलते ही निजी स्कूल संचालक लगातार आदेशों को दरकिनार करने का दुस्साहस कर रहे हैं।
बार-बार की छुट्टियों और गिरते शिक्षा स्तर पर उठे सवाल
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजसेवी और एडवोकेट देवेंद्र गौतम ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जिला प्रशासन द्वारा 17 अगस्त को स्कूल बंद रखने के आदेश की जानकारी देखी थी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम के एवज में सोमवार की छुट्टी घोषित की गई, जबकि 16 अगस्त को पहले ही रविवार था।
एडवोकेट गौतम ने छुट्टियों की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह बार-बार अतिरिक्त छुट्टियां घोषित करने से बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है। प्रदेश में पहले ही शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है, ऐसे में सरकार और प्रशासन को कार्यदिवसों (Working Days) को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब देखना होगा कि आदेशों की अनदेखी करने वाले इन निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग क्या कार्रवाई अमल में लाता है।
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