एक दशक बाद पानी से लबालब भरा नारनौल का ऐतिहासिक जल महल

Narnaul News: हरियाणा के ऐतिहासिक शहर नारनौल का गौरव कहे जाने वाले जल महल में एक दशक के लंबे इंतजार के बाद पानी भरा गया है। पानी से लबालब भरा यह जल महल अब सैलानियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक अत्यंत मनमोहक एवं दर्शनीय स्थल बन गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग ने इसे राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित किया हुआ है।
मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में सन् 1591 ईस्वी में नारनौल के तत्कालीन गवर्नर नवाब शाह कुली खान द्वारा निर्मित किया गया था। शुष्क क्षेत्र में प्राकृतिक ढलान और मानसूनी जल संचयन की अद्भुत तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया यह जलाशय स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है, जिसमें उत्तर दिशा की ड्योढ़ी, 16 धनुषाकार मेहराबों वाले पुल, अष्टकोणीय गुंबद और चारों कोनों पर बने सुंदर कक्ष इसे राष्ट्रीय महत्व का स्मारक बनाते हैं।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि जल महल अब एक बेहद आकर्षक एवं बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में उभरकर सामने आया है और प्रशासन की योजना इसे और अधिक जीवंत बनाने की है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से विधिवत अनुमति प्राप्त कर आने वाले समय में यहां शाम के समय संगीत संध्या यानी म्यूजिकल नाइट्स का आयोजन कराया जाएगा, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को एक यादगार अनुभव मिल सके।
डीसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों और परिवार के साथ इस ऐतिहासिक धरोहर की भव्यता को देखने जरूर आएं, ताकि नई पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत से जुड़ सके। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिगत पानी के करीब न जाकर सुरक्षित दूरी बनाकर ही सुंदरता का आनंद लेने तथा परिसर में किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाने का आह्वान किया है। इस अनमोल ऐतिहासिक धरोहर को बिना नुकसान पहुंचाए पूरी तरह से सुरक्षित रखना हम सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि इसे इतना बेहतरीन स्वरूप देने के लिए बीएंडआर तथा सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आने वाले समय में यह पर्यटन का बहुत बड़ा केंद्र बनने वाला है।
