Yamunanagar News: यमुनानगर में पेट शॉप पर रेड, दुर्लभ ‘इंडियन स्टार’ कछुए बरामद, टीम को देख भागा दुकानदार

यमुनानगर में पेट शॉप पर रेड, दुर्लभ 'इंडियन स्टार' कछुए बरामद
Yamunanagar News: यमुनानगर के छोटी लाइन स्थित एक दुकान पर वन्य प्राणी विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी कर प्रतिबंधित वन्यजीवों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। ‘मैसर्स गणपति’ नाम की इस पेट शॉप से टीम ने दो दुर्लभ ‘इंडियन स्टार’ कछुए और दो तोते जब्त किए हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान वन्य प्राणी विभाग की टीम को देखते ही दुकान मालिक चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा। बरामद किए गए इंडियन स्टार कछुए आमतौर पर उत्तरी हरियाणा के प्राकृतिक वातावरण में नहीं पाए जाते, जिससे विभाग के कान खड़े हो गए हैं।
वन्य प्राणी निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटी लाइन स्थित उक्त दुकान में बिना अनुमति के संरक्षित श्रेणी के पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दुकान के भीतर से दो खूबसूरत तारानुमा पैटर्न वाले इंडियन स्टार कछुए और दो तोते मिले। विभाग ने चारों बेजुबानों को अपनी कस्टडी में ले लिया है और आरोपी दुकानदार की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
अंधविश्वास और तस्करों का गठजोड़, 25 हजार तक में बिकता है एक कछुआ
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, इंडियन स्टार कछुआ भारत के शुष्क और अर्ध-शुष्क इलाकों जैसे राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के झाड़ीदार जंगलों व घास के मैदानों में पाया जाता है। इसके खोल पर बने पीले और सफेद तारानुमा (स्टार) निशान इसकी विशेष पहचान हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रजाति को लेकर लोगों में तरह-तरह के अंधविश्वास और तांत्रिक मान्यताएं फैली हुई हैं। कुछ लोग इसे घर में रखना समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।
इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर तस्कर अन्य राज्यों से इन्हें लाकर 15 हजार से 25 हजार रुपये या उससे भी अधिक कीमत पर बेचते हैं। वहीं दुकान से मिले तोतों का जोड़ा भी अवैध रूप से 2 से 5 हजार रुपये में बेचा जाता है। यमुनानगर जैसे मैदानी इलाके में इन कछुओं का मिलना यह साफ इशारा करता है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का हाथ हो सकता है।
शेड्यूल-1 में शामिल है प्रजाति, हो सकती है 7 साल की जेल
वन्य प्राणी निरीक्षक लीलू राम ने स्पष्ट किया कि इंडियन स्टार कछुआ ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम’ की शेड्यूल-1 श्रेणी के तहत पूरी तरह से संरक्षित जीव है। इसका शिकार करना, घर में पालना या व्यापार करना कानूनन संगीन अपराध है। इस मामले में दोष सिद्ध होने पर अदालत द्वारा आरोपी को 7 साल तक की सख्त कैद और 25 हजार से 1 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
फिलहाल विभाग इस बात की पड़ताल में जुटा है कि आरोपी दुकानदार तक यह खेप किसने पहुंचाई और इन्हें किसे बेचा जाना था। दुकान के स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जब्त किए गए कछुओं और तोतों को कोर्ट के आदेशानुसार उनके अनुकूल प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा जाएगा।
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