September 21, 2026

Sirsa News: 85 साल के पूर्व सैनिक लाल चंद गोदारा ने हासिल की एमए की डिग्री, अब करेंगे पीएचडी

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Sirsa News: 85 साल के पूर्व सैनिक लाल चंद गोदारा ने हासिल की एमए की डिग्री, अब करेंगे पीएचडी

85 साल के पूर्व सैनिक लाल चंद गोदारा ने हासिल की एमए की डिग्री, अब करेंगे पीएचडी

Sirsa News: उम्र के जिस पड़ाव पर अक्सर लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं, उस 85 वर्ष की आयु में हरियाणा के सिरसा निवासी लाल चंद गोदारा ने वो मुकाम हासिल किया है जो युवाओं के लिए मिसाल बन गया है। भारतीय सेना के इस पूर्व सैनिक (Haryana Ex Serviceman Education) ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU MA Degree At 85) से एमए (Master of Arts) की डिग्री हासिल कर साबित कर दिया कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। 76 साल की उम्र में बंद हो चुकी किताबों को दोबारा खोलने वाले गोदारा की शैक्षणिक यात्रा यहीं नहीं थमने वाली, अब उनकी नजरें पीएचडी या फिर कानून की पढ़ाई पर हैं।

पोते-पोतियों के सवालों से बदला जीवन, 76 की उम्र में थामी कलम

गोदारा के बड़े बेटे डॉ. साहिब राम गोदारा बताते हैं कि उनके पिता को युवावस्था से ही पढ़ने-लिखने का शौक था और वह नियमित डायरी भी लिखते थे। लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और सेना में भर्ती होने के कारण उनकी औपचारिक शिक्षा बीच में ही छूट गई थी। सालों बाद जब घर में छोटे बेटे के बच्चे पढ़ाई करने लगे, तो उनके तीखे और मासूम सवालों ने बुजुर्ग गोदारा के मन में छुपी अधूरी ख्वाहिश को फिर जगा दिया। बच्चों के सवालों का जवाब देने और खुद को साबित करने के जुनून में उन्होंने 76 वर्ष की उम्र (Sirsa Senior Citizen Education) में दोबारा पढ़ाई की शुरुआत की।

2023 में किया ग्रेजुएशन, सेना से लेकर रोडवेज तक दी सेवाएं

लगन और कड़ी मेहनत का ही नतीजा था कि गोदारा ने 81 साल की उम्र में 2023 में अपनी स्नातक (Graduation) की डिग्री पूरी की और फिर तुरंत परास्नातक में दाखिला ले लिया। लाल चंद गोदारा का जीवन संघर्षों और देश सेवा से भरा रहा है। 20 साल से भी कम उम्र में वह भारतीय थल सेना में शामिल होकर देश की रक्षा में जुट गए थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने हरियाणा परिवहन विभाग (हरियाणा रोडवेज) में ‘यार्ड मास्टर’ के पद पर काम किया और साल 2002 में रिटायर हुए। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने खुद को खाली नहीं बैठने दिया और मास्टर्स एथलेटिक्स में कई पदक अपने नाम किए।

‘शिक्षा नजरिया बदलती है’: अब LLB या PhD करने की तैयारी

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर लाल चंद गोदारा का कहना है कि परिस्थितियों ने भले ही उनकी शिक्षा का अध्याय बीच में रोक दिया था, लेकिन वह इसे अधूरा नहीं छोड़ना चाहते थे। उनके अनुसार, शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह इंसान के सोचने का दायरा और नजरिया व्यापक बनाती है। (Haryana Education News) 85 वर्ष की उम्र में एमए की डिग्री हाथ में आने के बाद अब वह आगे की पढ़ाई के रूप में लॉ (LLB) या पीएचडी करने की योजना बना रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि आज के युवाओं और हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है जो उम्र का हवाला देकर अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं।

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