Narnaul: काले कानूनों की लड़ाई हमें चाहे सरकार से लड़नी पड़े, पीछे नही हटेगे
Narnaul: यूजीसी, एससी-एसटी एक्ट व जातिगत आरक्षण को समाप्त करने व आन्दोलन को मजबूत व सक्रिय बनाने के लिए जिला महेंद्रगढ़ स्वर्ण व सर्व समाज की एक बैठक सेठ दुलीचन्द संघी धर्मशाला पार्क गली नारनौल में आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता समाज सेवी सिख सभा के प्रतिनिधी सरदार बलदेव सिंह चहल ने की।संचालन भूपेश पालीवाल व खेमचन्द शर्मा ने किया।
बैठक में यूजीसी, एससी-एसटी एक्ट के विरोध में चर्चा महिला शक्ति मधु चौहान कटकई से की गई। उन्होंने कहा कि इन काले कानूनों की लड़ाई हमें चाहे सरकार से लड़नी पड़े, चाहे प्रशासन से लड़नी पड़े, हम पीछे नही हटेगे। हम झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की तरह अपने अंतिम सांस तक इस कानून की लड़ाई हमारे बच्चों के हकों के लिए लड़ेगी। एडवोकेट दिनेश राजपूत ने कहा कि आगे हमें संख्या बल पर जोर देना पडे़गा, जिस दिन हमारी संख्या बल हजारों मे होगी सरकार को घुटने टेक कर इन कानून को वापस लेना पडेगा।
डाॅ धीरज शर्मा ने कहा कि जो स्वर्ण समाज पार्टीयों मे नेतृत्व कर रहा है व इस आन्दोलन व प्रदर्शन मे नजर नही आ रहा है। हमें समय आने पर उनका खुलकर विरोध करना होगा व हमारा अपना स्वर्ण समाज का कोई प्रतिनिधी को प्रत्याशी बना कर इन पार्टीयो को सबक सिखाने का काम करना होगा।रामानन्द शर्मा अटेली ने कहा की यह काला कानून एक गम्भीर मुद्दा है। सभी समाज के लोग अपने अपने समाज के प्रधान को इसके विरोध के लिए एकजूट करें।संजय गर्ग ने कहा की इस लड़ाई को हमे धर्म और अधर्म के नाम पर लड़ना होगा। हमे अपनी ताकत का अहसास इन पक्ष व विपक्ष पार्टीयों को कराना होगा।
महेन्द्र कौशिक भांखरी ने कहा की पैम्फलेट छप चुके है, जिन्हे घर-घर बांट कर सोएं हुए स्वर्ण समाज को जगाने का काम करेंगे। राकेश कौशिक ने कहा की सभी साथी, सभी समाज के प्रधान के पास जाएं व सभी समाज द्वारा बैठकें बुला कर इन काले कानून के शोषण के मुद्दे पर चर्चा की जाएं। राजकुमार चौधरी एडवोकेट ने कहा की आज सोशल मीडिया का जमाना है। हमे सोशल मीडिया के साथ मिलकर इन काले कानून से होने वाले शोषण को समाज को अवगत कराना चाहिए।
डाॅ मामचन्द ने समाज में जागरूकता का संदेश देने का आह्वान किया। हेमंत मुनी ने कहा की आज की बैठक मे हमे बुजुर्गों का आशीर्वाद मिल रहा है, जो हमारे आन्दोलन को ताकतवर बनाने मे मदद करेगा। सरोज बाला ने कहाँ की सरकार को हर काले कानून को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाना होगा। स्वर्ण समाज की एक महापंचायत जल्दी ही बुलानी होगी। खेमचन्द शर्मा कहा की आन्दोलन के एक महीनें मे समाज मे अपने हकों के लिए चेतना तो आई है, थोडा समय जरूर लग सकता है, लेकिन प्रदर्शन जारी रहेगा।
पालीवाल ने कहा की सताधारी पार्टी हमारे आन्दोलन को अपने लोगों को भेज कर कमजोर करने का प्रयास कर रही है, लेकिन हम सभी एकजुट होकर लडेगे।
गोबिंद शर्मा एडवोकेट ने कहा एससी-एसटी एक्ट का दुरूपयोग बहुत ज्यादा हो चुका है। हम कोर्ट मे रोज देखते है, झूठे केस बेहिसाब के रोजाना आ रहे है, केवल मुआवजा राशि हडपने के लिए। हेमंत शर्मा एडवोकेट ने कहा की जल्दी ही एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को देंगे, जिसमें इन काले कानूनों को तुरन्त प्रभाव से वापस लेने के लिए सरकार को बाध्य किया जाएंगा। नवीन पाराशर ने कहा की जल्दी ही एक अनिश्चित काल के लिए धरना शुरू किया जाएंगा। सरकार को झूकना ही पडेगा। वरना राजस्थान की तर्ज पर घर बैठाने का काम स्वर्ण समाज करेगा। बैठक में स्वर्ण समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियो मे गोपाल शांडिल्य, कमल वशिष्ठ, गौरव हल्दीया, विजेंद्र, जगमोहन, सत्यवीर, जितेन्द्र, गोबिंद कुमार, रामस्वरूप, रामेश्वर, रेणु शर्मा, विजय कुमार अटेली, राम छक्कड, गोपाल कृष्ण शास्त्री, मलखान सिहं, राधेश्याम, अनिल कुमार सहित काफी संख्या मे सदस्य उपस्थित थे।
