Bhagwant Mann Jashn e Inqlab Ludhiana : सीएम भगवंत मान ने शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने का दोहराया संकल्प
सीएम भगवंत मान ने शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने का दोहराया संकल्प
Bhagwant Mann Jashn e Inqlab Ludhiana : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 28 सितंबर को लुधियाना के पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती पर आयोजित ‘जश्न-ए-इंकलाब’ समागम में शिरकत की। विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देशभक्ति, सामाजिक न्याय, बराबरी और लोक-कल्याण के सिद्धांतों पर चलते हुए पंजाब के विकास में जुटी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहीदों की सोच पर पहरा देना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां को एक प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विरासती स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत 52 करोड़ रुपये की लागत से ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह विरासती कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
52 करोड़ रुपये की लागत से खटकड़ कलां में आकार ले रहा आधुनिक हेरिटेज कॉम्प्लेक्स
खटकड़ कलां में तैयार हो रहा यह विरासती कॉम्प्लेक्स आजादी के आंदोलन और क्रांतिकारी शहीदों के जीवन दर्शन को आधुनिक शैली में प्रस्तुत करेगा। इस पूरे परिसर में भगत सिंह का पैतृक निवास, अदालत का पुनर्निर्मित दृश्य, विरासती गली, मशाल गेट, पुस्तकालय और ऐतिहासिक वस्तुओं की दीर्घाएं शामिल हैं। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफे, गेस्ट हाउस, आधुनिक ऑडिटोरियम तथा लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य ध्येय नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई के सुनहरे इतिहास और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। निर्माण के अंतिम चरण का काम तेजी से चल रहा है और सभी आवश्यक परीक्षणों के बाद यह कॉम्प्लेक्स जल्द ही आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
एयरपोर्ट के नामकरण से लेकर प्रतिमा स्थापना तक: मान सरकार ने मान-सम्मान में नहीं छोड़ी कसर
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती शासकों ने शहीदों की कुर्बानियों को केवल कागजों तक सीमित रखा। मान सरकार ने सत्ता संभालते ही मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर रखवाया। इसके अलावा मोहाली के एयरपोर्ट रोड पर ‘निशान-ए-इंकलाब प्लाजा’ का निर्माण कर वहां शहीद भगत सिंह की 30 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में शहीद भगत सिंह और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें लगाना अनिवार्य किया गया है। खटकड़ कलां अब केवल एक गांव नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और नौकरियों के जरिए आम आदमी को राहत: मुख्यमंत्री ने पेश किया लेखा-जोखा
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने साढ़े चार वर्षों की प्रशासनिक उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 90 प्रतिशत घरों में बिजली के बिल शून्य आ रहे हैं, वहीं 1,100 आम आदमी क्लीनिकों में अब तक पांच करोड़ से अधिक लोग मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं। युवाओं के भविष्य के लिए 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर दी गई हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए मान ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के माध्यम से महिलाओं के खातों में सीधी वित्तीय सहायता भेजी जा रही है, जिसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नहरी पानी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार : नंबर एक राज्य बनाने की ओर अग्रसर पंजाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मुफ्त सुविधाओं से गरीबी का स्थाई समाधान नहीं हो सकता, इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम है। राज्य में सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारा जा रहा है और नौजवानों को खेलों से जोड़ने के लिए 3,100 नए खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।
किसानों के हित में उठाए गए कदमों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में नहरी सिंचाई का दायरा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों और विशेषकर नहरी पानी को बचाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास जारी रखेगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नाटक ‘गगन दमामा बाजिओ’ से गूंजा पीएयू का मंच
‘जश्न-ए-इंकलाब’ समारोह में पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और इंकलाबी गीतों का सुंदर संगम देखने को मिला। नामी पंजाबी गायक रणजीत बावा और कुलविंदर बिल्ला ने अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों में देशभक्ति का संचार किया। ढाडी जत्थों ने वीरों की गाथाएं गाकर माहौल को इंकलाबी रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रसिद्ध नाटक ‘गगन दमामा बाजिओ’ का मंचन किया गया, जिसने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के जीवन संघर्ष तथा शहादत को मंच पर सजीव कर दिया। इस आयोजन ने वहां मौजूद हजारों युवाओं को देश की प्रगति में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
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