Roop Kaur Sandhu Akali Dal से निष्कासित, अनुशासनहीनता के आरोप में हुई कार्रवाई
Roop Kaur Sandhu Akali Dal से निष्कासित, अनुशासनहीनता के आरोप में हुई कार्रवाई
Roop Kaur Sandhu Akali Dal : पंजाब के सियासी और धार्मिक हलकों में उस समय खलबली मच गई, जब शिरोमणि अकाली दल ने अपनी प्रमुख महिला नेता डॉ. रूप कौर संधू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। स्त्री अकाली दल की अध्यक्ष हरगोबिंद कौर ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि रूप कौर संधू के खिलाफ लगातार मिल रही अनुशासनहीनता और कदाचार की शिकायतों के चलते पार्टी नेतृत्व ने यह कठोर कदम उठाया है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों और पंथक हलकों के बीच इस निष्कासन के समय को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। संधू पिछले कुछ दिनों से एक हाई-प्रोफाइल मामले को सोशल मीडिया पर उठाने के कारण लगातार सुर्खियों में बनी हुई थीं।
फेसबुक लाइव से मचा था बवाल : पूर्व एसजीपीसी सदस्य पर लगे थे गंभीर आरोप
दरअसल, बहरीन से पंजाब पहुंची एक महिला ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इस पूरे मामले को सार्वजनिक मंच देने में डॉ. रूप कौर संधू ने मुख्य भूमिका निभाई थी। संधू ने अपने फेसबुक पेज के जरिए शिकायतकर्ता महिला को लाइव लाकर अपनी बात रखने का मौका दिया था, जहां महिला ने आपबीती सुनाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई थी।
फेसबुक लाइव के बाद यह मामला सोशल मीडिया की सीमाओं को लांघकर पंजाब की राजनीति और धार्मिक संस्थाओं के गलियारों तक पहुंच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब थाने में मामला दर्ज किया गया। हालांकि, चावला ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अकाली दल और एसजीपीसी के अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
पुलिस की कानूनी कार्रवाई तेज : लुकआउट सर्कुलर जारी, घर पर तलाशी
दर्ज मामले के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच प्रक्रिया के तहत पुलिस टीमों ने अमरजीत सिंह चावला के लुधियाना स्थित आवास पर तलाशी ली और उनके परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी जांच में शामिल होने के लिए समन भेजे गए हैं।
मामले की गंभीरता और आरोपी के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस द्वारा अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसी बीच निष्कासित नेता रूप कौर संधू ने सोशल मीडिया पर एक और बड़ा दावा किया था कि पीड़ित महिला का मामला सामने आने के बाद कई अन्य पीड़ित महिलाओं ने भी उनसे संपर्क किया है। संधू ने संकेत दिए थे कि आने वाले समय में पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई बड़े चेहरों को लेकर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
निष्कासन की टाइमिंग पर उठे सवाल : पंथक और सियासी हलकों में सरगर्मी
अकाली दल द्वारा की गई इस अचानक कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का साफ कहना है कि संधू का निष्कासन किसी व्यक्तिगत मामले को उठाने के कारण नहीं, बल्कि संगठन के भीतर लगातार की जा रही अनुशासनहीनता के कारण हुआ है। इसके बावजूद, सियासी गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब संधू पार्टी के एक पूर्व वरिष्ठ नेता के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थीं, ठीक उसी समय उनके खिलाफ यह गाज क्यों गिरी।
फिलहाल रूप कौर संधू अकाली दल से बाहर हो चुकी हैं, लेकिन पंजाब के सियासी और पंथक हलकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि उनका अगला कदम क्या होगा। देखना यह होगा कि क्या संधू निष्कासन के बाद भी चावला प्रकरण पर अपना रुख बरकरार रखती हैं या फिर जिन अन्य मामलों के खुलासे का उन्होंने इशारा किया था, उनसे संबंधित साक्ष्य सार्वजनिक करती हैं। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भी अमरजीत सिंह चावला मामले में कार्रवाई की गई है, जबकि अकाली दल के एक धड़े ने इस पूरे विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग उठाई है।
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