AAP Candidate List: आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में तेजी लाते हुए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धूरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। वहीं, गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद पंजाब के पूर्व मंत्री और लुधियाना वेस्ट के विधायक संजीव अरोड़ा को पार्टी ने इसी सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की पहली सूची में सभी मौजूदा विधायकों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन मान सरकार के ज्यादातर मंत्रियों को अभी टिकट नहीं दिया गया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत 13 मंत्रियों के नाम पहली सूची से बाहर हैं। खास बात यह है कि संगरूर के तूरबंजारा के गुलजार आत्महत्या मामले में चीमा का नाम चर्चा में आने के बावजूद दिर्बा सीट से भी किसी दूसरे उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है।
धूरी से ही चुनाव लड़ेंगे भगवंत मान, संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट से टिकट
AAP की पहली सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम सबसे प्रमुख है। पार्टी ने उन्हें उनकी मौजूदा विधानसभा सीट धूरी से ही उम्मीदवार बनाया है। मान के लिए यह सीट राजनीतिक रूप से अहम है और पार्टी ने शुरुआती सूची में ही उनके नाम का ऐलान कर चुनावी अभियान का संकेत दे दिया है। दूसरी ओर, संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट से दोबारा टिकट देकर पार्टी ने उनके प्रति अपना भरोसा जताया है। अरोड़ा फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं। इसके बावजूद पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी घोषित कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सूची जारी होने के बाद कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की घोषणा करना पार्टी की मजबूत तैयारियों, पारदर्शिता और सरकार के कामकाज में भरोसे को दिखाता है। उन्होंने धूरी की जनता की सेवा करने का दोबारा अवसर मिलने पर खुशी जताई और सभी घोषित उम्मीदवारों को बधाई दी। मान ने कहा कि पार्टी अब जमीनी स्तर पर लोगों से और मजबूती से जुड़ेगी और ‘रंगला पंजाब’ की प्रगति की यात्रा जारी रखेगी।
पहली सूची में मान कैबिनेट के सिर्फ दो मंत्री, 13 के नाम रोके
40 उम्मीदवारों की सूची में भगवंत मान के अलावा केवल संजीव अरोड़ा को मौजूदा कैबिनेट से टिकट मिला है। बाकी मंत्रियों के नाम फिलहाल घोषित नहीं किए गए हैं। इस वजह से पहली सूची में मंत्रियों की सीमित मौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। जिन 13 मंत्रियों को पहली सूची में जगह नहीं मिली, उनमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, डॉ. बलजीत कौर, बलबीर सिंह, लालचंद कटारूचक्क, हरजोत सिंह बैंस, हरभजन सिंह ईटीओ, गुरमीत सिंह खुड्डियां, डॉ. रवजोत सिंह, बरिंदर कुमार गोयल, हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सौंद और मोहिंदर भगत शामिल हैं।
हरपाल सिंह चीमा का नाम सूची में नहीं होने पर भी विशेष चर्चा है। संगरूर के तूरबंजारा के गुलजार सुसाइड केस में उनका नाम उछला था। हालांकि, पार्टी ने अभी दिर्बा सीट से किसी दूसरे उम्मीदवार के नाम का भी ऐलान नहीं किया है। ऐसे में इस सीट को लेकर स्थिति अगली सूची तक स्पष्ट हो सकती है। पहली सूची में कई अन्य बड़े नेताओं के नाम भी शामिल नहीं हैं। इनमें जालंधर कैंट से दीपक बाली, समाना से सुरजीत सिंह रखड़ा, चमकौर साहिब से जसवीर सिंह गढ़ी, दिर्बा से हरपाल सिंह चीमा, जंडियाला से हरभजन सिंह ईटीओ, लहरागागा से बरिंदर गोयल और खरड़ से परमिंदर गोल्डी के नाम शामिल हैं।
40 उम्मीदवारों में 8 SC वर्ग से, इन सीटों पर घोषित किए नाम
AAP ने पहली सूची में सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा है। घोषित 40 उम्मीदवारों में 8 अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से हैं। पार्टी ने करतारपुर से बलकार सिंह, चब्बेवाल से इशांक कुमार चब्बेवाल, अमलोह से गुरिंदर सिंह गैरी वड़िंग और पायल से मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा निहाल सिंह वाला से मनजीत सिंह बिलासपुर, जैतो से अमोलक सिंह, भदौड़ से लाभ सिंह उगोके और महल कलां से कुलवंत सिंह को टिकट दिया गया है। इन सीटों के जरिए पार्टी ने पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के चयन का संदेश दिया है। अमृतसर साउथ विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर को भी पार्टी ने फिर से उम्मीदवार घोषित किया है। टिकट की घोषणा के बाद उनके कार्यालय के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया। निज्जर को दोबारा मौका मिलने से अमृतसर साउथ में पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक पर भरोसा कायम रखा है।
संजीव अरोड़ा पर ED का मामला, अक्टूबर में हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत
संजीव अरोड़ा की उम्मीदवारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह फिलहाल गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 9 मई 2026 को कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। ED के आरोपों के मुताबिक, अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने वर्ष 2023-24 में मोबाइल फोन, खासकर आईफोन के निर्यात के नाम पर कथित फर्जी GST बिलों का इस्तेमाल किया। एजेंसी का दावा है कि दिल्ली की फर्जी कंपनियों से खरीद दिखाकर करीब 15 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट और 48 करोड़ रुपये का ड्यूटी ड्रॉ बैक हासिल किया गया।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि विदेश से आए धन को दुबई के रास्ते भारत वापस लाकर वैध दिखाने की कोशिश की गई। संजीव अरोड़ा ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। आम आदमी पार्टी ने भी उनकी गिरफ्तारी को केंद्र सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग से जोड़कर सवाल उठाए थे। अक्टूबर 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वह अभी भोंडसी जेल में बंद हैं। ऐसे में जेल में रहते हुए उन्हें विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, ED के आरोपों और अरोड़ा के पक्ष को अलग-अलग रूप में देखना जरूरी है। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना है।
कुलतार संधवां बोले- काम में हमारा कोई मुकाबला नहीं
पहली सूची में नाम आने के बाद कोटकपूरा के विधायक और पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पार्टी के कामकाज का बचाव किया। उन्होंने कहा कि काम करने में उनका कोई मुकाबला नहीं है और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। संधवां का बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दलों की ओर से राज्य सरकार के कामकाज और चुनावी वादों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उम्मीदवारों की अग्रिम घोषणा के साथ AAP अपने विधायकों को चुनावी मैदान में सक्रिय करने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है।
पंजाब की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है। इससे पहले राज्य में नई विधानसभा के गठन के लिए चुनाव कराए जाएंगे। पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 94 पर इस समय आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। ऐसे में 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करना पार्टी की चुनावी रणनीति का शुरुआती हिस्सा माना जा रहा है। सभी मौजूदा विधायकों के नाम पहली सूची में शामिल करने का फैसला पार्टी के लिए अपने मौजूदा विधायकों के प्रति भरोसा जताने का संकेत है। हालांकि, मंत्रियों और कई बड़े नेताओं के नाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। अगली सूचियों में इन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन से पार्टी की चुनावी रणनीति और संभावित बदलावों की तस्वीर साफ होगी। शुरुआती घोषणा से AAP ने चुनाव से पहले अपने उम्मीदवारों को क्षेत्र में सक्रिय होने और मतदाताओं के बीच पहुंच बनाने के लिए समय दे दिया है।
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