Bhiwani School News: भिवानी जिले के गांव बारवास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बीते 28 अक्टूबर को हुई एक घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव बसीरवास निवासी विनोद के 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे दीपांशु ने स्कूल के तीन अध्यापकों पर उसके साथ निर्दयतापूर्वक मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है।
पीड़ित छात्र जब लहूलुहान और सहमी हुई हालत में अपने घर पहुंचा, तो परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। (Barwas Bhiwani news) उसकी बिगड़ती शारीरिक हालत को देखते हुए परिवार वाले तुरंत उसे लोहारू के उप-नागरिक अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका उपचार जारी है।
चार बार पीटने का लगाया आरोप, परिजनों ने लोहारू थाने में दी तहरीर
अस्पताल में उपचाराधीन छात्र दीपांशु ने बताया कि स्कूल परिसर के भीतर उसके साथ एक के बाद एक चार बार मारपीट की गई। छात्र के मुताबिक, शिक्षक राजेश और दिनेश ने उस पर बेरहमी से हाथ उठाया, जबकि इससे पहले भी अध्यापक सुरेश ने उसकी पिटाई की थी।
घटना की जानकारी मिलने पर जब छात्र के माता-पिता और भाई हकीकत जानने स्कूल पहुंचे, तो उनका आरोप है कि अध्यापकों ने कोई साफ जवाब नहीं दिया और मामले को टालते रहे। परिजनों ने लोहारू पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर आरोपी शिक्षकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्राओं से बदसलूकी पर पूछताछ का दावा, अध्यापकों ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ, आरोपी शिक्षक राजेश ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि स्कूल की छात्राओं ने 12वीं कक्षा के कुछ लड़कों के खिलाफ अश्लील टिप्पणियां करने, गंदे इशारे करने और गाली-गलौच करने की शिकायत दी थी।
इसी शिकायत की पड़ताल के सिलसिले में दीपांशु को बुलाकर केवल समझा-बुझाकर पूछताछ की गई थी और मारपीट की बात पूरी तरह मनगढ़ंत है। शिक्षक ने उल्टा आरोप लगाया कि छात्र के परिजनों ने स्कूल में आकर हंगामा किया और सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ की, जिसकी सूचना उन्होंने खुद डायल 112 पर पुलिस को दी थी।
दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे, प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल बारवास स्कूल के इस घटनाक्रम में दो बिल्कुल विपरीत दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर जहां पीड़ित छात्र अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से जूझ रहा है और शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रशासन अनुशासनहीनता और छात्राओं की सुरक्षा का हवाला देकर बचाव में उतरा है।
लोहारू थाना पुलिस ने दोनों ही पक्षों की ओर से मिली शिकायतों को दर्ज कर लिया है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा कि कसूर किसका था।

