Amarjit Singh Chawla Rape Case SIT : श्री आनंदपुर साहिब में सामने आए हाई-प्रोफाइल दुष्कर्म मामले में पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। फरीदकोट के एसएसपी गुरबंस बैंस को इस जांच टीम का प्रमुख बनाया गया है।
SIT में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इस विशेष जांच टीम में फरीदकोट के एसएसपी गुरबंस बैंस के अलावा विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी सिमरनजीत लंग और डीएसपी करन संधू को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। यह उच्चस्तरीय टीम मामले से जुड़े तमाम भौतिक साक्ष्यों, परिस्थितियों और गवाहों के बयानों की विस्तृत समीक्षा करेगी।
सीएम मान ने दिया था निष्पक्ष जांच का भरोसा
मंगलवार को धर्म युद्ध मोर्चा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया था कि राज्य सरकार पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित करेगी। उसी आश्वासन के क्रियान्वयन में गृह विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए SIT के गठन का आदेश जारी किया।
एनआरआई महिला ने लगाए हैं खौफनाक आरोप
पीड़ित महिला मूल रूप से पंजाब के मालवा क्षेत्र की रहने वाली है और पिछले 25 वर्षों से बहरीन में निवास कर रही है। महिला का आरोप है कि 27 फरवरी से 19 अगस्त 2026 के दौरान जब वह धार्मिक यात्रा पर श्री आनंदपुर साहिब आई थी, तब अमरजीत सिंह चावला उसे अलग-अलग सरायों और कमरों में ले गया। महिला का आरोप है कि उसे बंधक बनाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पंथक हस्तियों से सुनवाई न होने पर पुलिस में शिकायत
मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था, हालांकि मौके पर मौजूद सेवादार ने उसे संभालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पीड़िता का दावा है कि उसने पुलिस के पास जाने से पहले एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज सहित कई प्रमुख पंथक हस्तियों से न्याय की गुहार लगाई थी। कहीं सुनवाई न होने के बाद अंततः उसने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

