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Rajasthan News: बीकानेर के पीबीएम एक और प्रसूता की किडनी खराब, ICU में शिफ्ट, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग

VVinita Kohli
Rajasthan News: बीकानेर के पीबीएम एक और प्रसूता की किडनी खराब, ICU में शिफ्ट, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग
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बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर में स्थित पीबीएम अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 8 जून को कमला पत्नी मेघराज की डिलीवरी हुई थी, जिसके बाद से उसकी हालत लगातार खराब बनी हुई है। कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. परमेन्द्र सिरोही ने बताया कि महिला को आईसीयू में भर्ती किया गया है और उसके तीन बार डायलिसिस किए जा चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार उसकी किडनी प्रभावित हुई है।

अस्पताल में इस समय चार प्रसूताएं आईसीयू में उपचाराधीन हैं। इनमें से दो महिलाओं की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों की निगाहें स्थिति पर बनी हुई हैं। मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है।

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आंखों की रोशनी जाने के दावों पर अस्पताल ने दी प्रतिक्रिया

कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। हालांकि डॉ. परमेन्द्र सिरोही का कहना है कि जिन महिलाओं के बारे में यह दावा किया जा रहा है, वे फिलहाल अचेत अवस्था में हैं। ऐसे में यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर मरीजों के परिजनों का कहना है कि उन्हें डॉक्टरों की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।

अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार तारा देवी एक्यूट किडनी इंजरी, खून की कमी, फेफड़ों के बाहर पानी भरने और पोटेशियम बढ़ने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। राहिला को डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग, संक्रमण, प्लेटलेट्स की कमी, एक्यूट किडनी इंजरी और मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन की समस्या हुई है। इमरती में गंभीर संक्रमण, मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन और एक्यूट किडनी इंजरी पाई गई है। कमला को भी डिलीवरी के बाद से आईसीयू में रखा गया है और उसके तीन डायलिसिस हो चुके हैं।

वेंटिलेटर पर भर्ती प्रीति-शारदा 

सूरतगढ़ निवासी प्रीति की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे हाई ब्लड प्रेशर के कारण डिलीवरी के बाद दौरे पड़ने, फेफड़ों की समस्या, एक्यूट किडनी इंजरी और हेल्प सिंड्रोम की आशंका के चलते वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है। वहीं श्रीरामसर निवासी शारदा भी गंभीर स्थिति में है। उसे किडनी संबंधी जटिलताओं, प्लेटलेट्स की समस्या और रक्त के थक्के बनने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार शारदा को 3 जून को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 4 जून को उसकी सिजेरियन डिलीवरी हुई। ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और 5 जून को उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। जांच में मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी स्थिति सामने आई। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार वह हेल्प सिंड्रोम से प्रभावित हो सकती है। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर पहले बाइपैप और बाद में वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा।

मंत्री के बयान और बाद की स्थिति

हाल ही में बीकानेर दौरे पर आए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अस्पताल में चिकित्सकों के साथ बैठक के बाद जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में शारदा को डेंजर जोन से बाहर बताया था। हालांकि बाद में उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नई जानकारियां सामने आने से मामला फिर चर्चा में आ गया। अस्पताल प्रशासन लगातार मरीजों की निगरानी कर रहा है।

डिलीवरी के बाद महिलाओं में किडनी फेल होने और अन्य गंभीर जटिलताओं के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञ समितियां जांच कर रही हैं। अब तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन मामलों के पीछे वास्तविक वजह क्या है।

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